प्रयागराज, जेएनएन। यूं तो आम तौर पर जेल में सजा प्राप्‍त अपराधी और बदमाश बंद होते हैं। इनमें से कई सुधर जाते हैं। ऐसे ही जेल में बंद बंदियों को अपराध से इतर सोचने और समझने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जेलों में बंद बंदियों को खेल भावना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत प्रयागराज के नैनी स्थित केंद्रीय कारागार को भी चुना गया है। यहां के बंदियों के लिए खेल का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। 

इंडियन आयल की पहल

इंडियन आयल की ओर से नैनी सेंट्रल जेल के बंदियों को शतरंज, कैरम, बैडमिंटन और वालीबाल के प्रशिक्षण की शुरूआत शनिवार से कर दी गई है। एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कारपोरेट जगत की ओर से बंदियों को मानसिक  और शारीरिक रूप से स्वस्थ्य बनाने के लिए शुरू की गई यह यह पहल काफी सराहनीय है। बंदियों में परिर्वतन का यह सबसे सुंदर आगाज है।

बंदियों के जीवन में अवश्‍य आएगा परिवर्तन : इंडियन आयल के महाप्रबंधक

इंडियन आयल के महाप्रबंधक पीके चटर्जी ने कहा कि खेल के माध्यम से बंदियों के जीवन में परिवर्तन अवश्य आएगा। जेल में बंदियों के खेल प्रशिक्षण का कार्यक्रम लखनऊ, वाराणसी के जेलों में भी आयोजित किया जा रहा है। इंडियन आयल बंदियों के सहयोग के लिए हर समय खड़ा रहेगा। यहां के खिलाड़ी प्रदेश और नेशनल स्तर पर खेले, यही आकांक्षा है। साथ ही यहां से निकलने के बाद अपना नया जीवन शुरू करें।

बंदी खिलाडि़याें को दिए गए स्‍पोर्ट्स किट

इससे पहले वालीबाल के 20, कैरम के 20, बैडमिंटन के 12 और शतरंज के 12 खिलाड़ी बंदियों को किट दिया गया। बंदी भी उत्‍साह से इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। इंडियन आयल के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड तनय कुमार ने अतिथियों को बुके और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मयंक वर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रबंधक रिटेल सचिन कुमार, अभिषेक चौधरी, जेलर धर्मपाल सिंह, वेद प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

Edited By: Brijesh Srivastava