प्रयागराज, जागरण संवाददाता। किसान खेतों में पुआल न जलाएं, इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक नया रास्ता ढूंढा है। अगर किसान दो ट्राली पुआल किसी भी गो आश्रय स्थल पर लाकर देंगे तो उन्हें एक ट्राली गोबर की खाद दी जाएगी। किसानों के साथ बेहतर समन्वय रहे, इसके लिए ब्लाक विकास अधिकारी (बीडीओ) को जिम्मा सौंपा गया है। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने इस नई व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया है।

प्रदेश सरकार की पुआल लाओ, खाद पाओ योजना

खेतों में फसल के अवशेष न जलाए जाएं, इसको लेकर शासन काफी गंभीर है। पिछले साल उन्नाव में इसकी रोकथाम के लिए पुआल लाओ, खाद पाओ योजना को लागू किया गया था। इस साल पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों से इस पर वृहद चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि खेत में पुआल न जलने पाए इसके लिए किसानों को जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही पैनी नजर भी रखी जाए।

इसके बाद भी पुआल जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई होगी

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के बीच पराली प्रबंधन हेतु उपयोगी कृषि यंत्रों के अनुदान के बारे में, बेस्ट कंपोजर सहित अन्य कृषि यंत्रों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। किसानों को फसल के चक्रीकरण के बारे मेें जागरूक किया जाए। अगर इसके बाद भी कोई किसान पुआल जलाता है तो उसके खिलाफ दंडनीय कार्रवाई की जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीएस दुबे, एसपी गंगापार, एसपी यमुनापार, एसडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पिछले साल 37 के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

पुआल जलाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद पिछले साल जनपद में कई मामले सामने आए थे। उसमें से 37 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। सबसे ज्यादा मामले बारा तहसील के थे। उसके एक वर्ष पहले 52 किसानों के खिलाफ पुआल जलाने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। अब पुआल जलाने पर किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। केवल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Brijesh Srivastava