प्रयागराज, जेएनएन। रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी से सांसद आजम खां को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। मुलायम सिंह यादव तथा अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां के साथ ही उनकी विधायक पत्नी तजीन फात्मा तथा पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस सुनीत कुमार की एकल पीठ ने आज फैसला सुनाया।

रामपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने के साथ वकफ की संपत्ति जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने तथा बेटे का फर्जी आयु प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में आजम खां जेल में बंद हैं। उनके साथ उनकी विधायक पत्नी तथा पूर्व विधायक बेटा भी सीतापुर जेल में बंद हैं।

इनकी जमानत को लेकर दायर याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई करने के बाद 19 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। गुरुवार को कोर्ट ने रामपुर से सपा सांसद मोहम्मद आजम खान के साथ बेटे अब्दुल्ला आजम खां को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 19 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। आजम खां पर अब्दुल्ला आजम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाने आरोप है। इस बड़े फर्जीवाड़ा में आजम खां के साथ उनके पूर्व विधायक बेटे आरोपित हैं। आजम खां के साथ उनकी विधायक पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम खां सीतापुर जेल में बंद हैं। इन सभी के खिलाफ रामपुर के भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने केस दर्ज कराया था।

सीबीआइ जांच की मांग

भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने आजम खां के मामले में सीबीआई डायरेक्टर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पत्र लिखकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां पर रामपुर में वक्फ संपत्तियों को कब्जाने और हेराफेरी कर इनको जौहर यूनिवर्सिटी  के नाम कराने का आरोप लगाया है। आकाश सक्सेना ने आजम खां के सारे वक्फ घोटालों की जांच भी सीबीआई से करने की मांग की है। भाजपा नेता ने सीबीआई को लिखे गए पत्र में कहा कि शत्रु संपत्ति पर कब्जे को लेकर मेरी शिकायत के क्रम में थाना अजीमनगर, रामपुर में आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा व बेटे अब्दुल्ला आजम सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किय गया था। 

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