प्रयागराज, जेएनएन। अभी लोग कहीं भी पानी, जूस, कोल्ड ड्रिंक आदि पीकर प्लास्टिक की बॉटल फेंक देते हैं। वह बॉटल वहीं पड़ी रहती है, जिससे गंदगी फैलती है। जल्द ही प्लास्टिक की बॉटल को क्रश करने के लिए शहर के 15 स्थानों पर 20 बॉटल क्रशिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इसकी स्वीकृति नगर निगम प्रशासन ने दे दी है। चयनित एजेंसी द्वारा क्रशिंग मशीनें लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बिजली का खर्च उठाना होगा निगम को, सीसीटीवी कैमरे की रहेगी नजर 

संगमनगरी में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) का रुख सख्त है। प्लास्टिक की बॉटल को कूड़े के साथ जला देने से प्रदूषण और फैलता है। लेकिन बॉटल क्रशिंग मशीनों के लग जाने से बॉटलों का डिस्पोजल होने से प्रदूषण पर कुछ नियंत्रण लगने की उम्मीद है। इन मशीनों को लगाने के लिए बायो क्रक्स एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगम की योजना है कि कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत मशीनें लगवाई जाएं। अफसरों का कहना है कि मशीनों को ज्यादा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ही लगवाया जाएगा। मशीनें पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। इसी एजेंसी को एक साल तक मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।  

इन स्थानों पर मशीनें लगाने की योजना

नगर निगम कार्यालय, बस अड्डा जीरो रोड, सिविल लाइंस में ग्लैक्सी होटल के समीप, सिविल लाइंस में बिग बाजार के सामने, अलोपी देवी मंदिर, स्वराज भवन, बैंक रोड, कटरा बाजार, चौक क्षेत्र, शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग), राजकीय संग्रहालय, कटरा में मनमोहन पार्क, लक्ष्मण मार्केट, स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल और इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के मेन गेट के पास बॉटल क्रङ्क्षशग मशीनें लगाने की योजना है। हालांकि, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के मेन गेट के सामने के स्थल के बदलाव के लिए भी मंथन चल रहा है। इसमें से पांच स्थानों पर दो मशीनें लगाई जाएंगी।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021