प्रयागराज, जेएनएन। पुलिस विभाग में सिपाही पद पर भर्ती होने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। प्रारंभिक परीक्षा में अपनी जगह पैसे देकर दूसरों को बैठाने वाले 15 अभ्यर्थियों को फिजिकल और सत्यापन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उनकी जगह परीक्षा देने वाले युवकों की भी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

प्रारंभिक परीक्षा में अपनी जगह बैठाए थे सॉल्वर

एसपी (क्राइम) आशुतोष मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पुलिस-पीएसी में सिपाहियों की भर्ती के लिए जनवरी 2019 में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित कराई गई थी। अभ्यर्थियों की तस्वीर लेने के साथ ही बायोमीट्रिक नमूना भी लिया गया था। जोन में 8070 अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट और सत्यापन होना है। सोमवार को पुलिस लाइन में बचे 734 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इनमें 32 ही आए। इनमें 16 पास हुए, एक फेल हो गया जबकि 15 अभ्यर्र्थी फर्जीवाड़ा में पकड़े गए।

50 हजार से लेकर तीन लाख रुपये में परीक्षा पास कराने की हुई थी डील

बायोमीट्रिक सत्यापन में मैच नहीं होने पर पूछताछ की गई तो इन 15 अभ्यर्थियों ने कुबूला कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा में अपनी जगह दूसरों को परीक्षा में बैठाया था। किसी ने 50 हजार तो किसी ने तीन लाख रुपये में परीक्षा पास कराने की डील की थी। एसपी क्राइम का कहना है कि सबने व्यक्तिगत रिश्तेदारों या करीबियों से डील की थी। इसमें कोई रैकेट नहीं शामिल है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में प्रयागराज के अर्जुन सरोज, ज्ञानचंद्र सरोज, संतोष कुमार, राकेश कुमार, अमित कुमार, मनोज भारतीय, अजय कुमार, मानिकचंद्र, धर्मराज और प्रतापगढ़ के आशीष कुमार, संजीत कुमार, संतोष कुमार, सुनील कुमार और रमेश हैैं। इनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में केस लिखा गया है। अब फर्जी अभ्यर्थियों को दबोचने के लिए छापेमारी की जाएगी।

Posted By: Brijesh Srivastava

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