प्रयागराज, जेएनएन। मंडल के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी के 13 गांव और 12 मोहल्लों को रेड जोन में शामिल किया गया है। इन गांवों और मोहल्लों को संवेदनशील मानते हुए यहां कोरोना का संक्रमण न बढऩे पाए, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैैं। यहां हर दिन सैनिटाइजेशन व थर्मल स्‍क्रीनिंग की जा रही है। अभियान चलाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।

प्रयागराज में दो मोहल्‍ले और पांच गांव रेड जोन घोषित

प्रशासन की ओर से प्रयागराज में दो मोहल्ले और पांच गांव रेड जोन घोषित किए गए हैैं। चार गांव तो इंदौर के सरकारी अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक के कोरोना पॉजिटिव होने के चलते रेड जोन में शामिल किए गए हैैं। हंडिया के एक गांव की रहने वाली महिला के पति झांसी में चिकित्सक हैैं। दोनों 19 मार्च को गांव आए। यहां एक रात परिवार के साथ रहे और दूसरे दिन महिला चिकित्सक के पति अपनी तीन बहनों के गांव रिश्तेदारों से मिलने गए थे। महिला चिकित्सक दो दिन बाद इंदौर पहुंची तो कोरोना पॉजिटिव पाई गई। उन्हें तथा उनके पति को क्वारंटाइन किया गया। हालांकि पति की जांच रिपोर्ट निगेटिव है।

लोगों की सूची तैयार कर सभी को होम क्वारंटाइन किया गया

इसके बाद महिला चिकित्सक और उनके पति जिन गांवों में गए थे, वहां प्राइमरी और सेकेंडरी कांटैक्ट में आए लोगों की सूची तैयार कर सभी को होम क्वारंटाइन किया गया। अब इन गांवों को रेड जोन में शामिल किया गया है। इसी तरह कोरोना पॉजीटिव का इलाज कोटवा स्थित सीएचसी में हो रहा है, इसलिए उस गांव को भी रेड जोन में शामिल किया गया है।

रेड जोन घाेषित इलाकों में अतिरिक्‍त नजर

शाहगंज स्थित जिस अब्दुल्ला मस्जिद में सात इंडोनेशियाई, केरल व प.बंगाल के एक-एक शख्स तथा 28 स्थानीय लोग पकड़े गए थे, उस मोहल्ले को भी रेड जोन घोषित किया गया है। इन लोगों को करेली के जिस गेस्ट हाउस में इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा गया है, उस मोहल्ले को भी रेड जोन में शामिल किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि संक्रमण रोकने के लिए पूरी कोशिश हो रही है। रेड जोन में शामिल गांवों और मोहल्लों में अतिरिक्त कार्य हो रहे हैैं।

आधा शहर व नरसिंहगढ़ सहित चार गांव संवेदनशील

पडोसी जनपद प्रतापगढ में कोरोना के नजरिए से आधा शहर, जिसमें लगभग 10 मोहल्ले हैैं और चार गांव संवेदनशील माने जा रहे हैं। इस इलाके में तीन पॉजिटिव केस मिलने से प्रशासन ने ज्यादा फोकस इन्हीं इलाकों पर किया है। वैसे तो पॉजिटिव केस रानीगंज के नरसिंहगढ़ गांव की मस्जिद में मिले थे, पर वहां जाने से पहले ये लोग शहर में चौक के बगल जामा मस्जिद में दो दिन ठहरे थे। इस वजह से दोनों इलाके सैनिटाइज हो गए। डीएम डॉ. रूपेश कुमार के निर्देश पर इन इलाकों में हर पल नजर रखी जा रही है। सीएमओ डा.एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अब तक सात हजार परदेसियों की थर्मल स्‍क्रीनिंग हो चुकी है।

पांच गांवों में निकलने पर पाबंदी

पडोसी जिले कौशांबी मेें कोरोना का पहला पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद विकास खंड कड़ा के पांच गांवों को संवेदनशील घोषित करते हुए सील कर दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। कड़ा के एक गांव में कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अफसर मॉनी‍टरिंग कर रहे हैैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर इस गांव को तथा इसके आसपास के तीन अन्य गांवों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है।

गांवों को सील कर दिया गया है

एसपी अभिनंदन के बताया कि जिस गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है, उस गांव के आसपास करीब एक किलोमीटर की दूरी में तीन गांव बसे हैं। शासन की गाइड लाइन के मुताबिक, उन गांवों को सील कर दिया गया है। सिराथू एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि गांव का कोई व्यक्ति घर से बाहर न निकले, इसके मद्देनजर गांव में मुनादी भी कराई जा रही है। खाद्य सामग्री व सब्जी ठेले के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचाई जा रही है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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