जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : किसानों को धान बेचने के लिए अपने न्याय पंचायत या ग्राम पंचायत से संबद्ध धान क्रय केंद्र पर ही जाने की जरूरत नहीं है। अब किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र चुन सकते हैं। खाद्य विभाग ने क्रय एजेंसियों के सभी धान क्रय केंद्रों की ग्राम व न्याय पंचायतों से संबद्धता समाप्त कर दी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी केके सिंह ने बताया कि जनपद के किसी भी गांव का किसान अपना धान किसी भी क्रय केंद्र पर बेच सकता है।

किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 के लिए क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत मूल्य समर्थन योजना चलाई गई। किसानों को धान का वाजिब दाम दिलाने के लिए क्रय एजेंसियों को ग्राम पंचायतों से संबद्ध धान क्रय केंद्र खोले जाने की व्यवस्था की गई। इसके तहत गांव के किसान अपने ही गांव से संबद्ध क्रय केंद्र पर ही धान बेच सकते थे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी के अनुसार अब इस व्यवस्था को खत्म करते हुए किसानों को अपना मनपसंद केंद्र चुनने की छूट दी गई है। किसानों की सुविधा के लिए धान क्रय केंद्रों की संबद्धता को समाप्त किया जा रहा है।

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