प्रयागराज,जेएनएन । तमाम तरह की सख्ती के बाद भी विकास भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य प्रणाली में बदलाव नहीं आ रहा है। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने विकास भवन के कई कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया तो 102 अधिकारी और कर्मचारी नदारद थे। उन्होंने सभी का एक दिन का वेतन काटे जाने का निर्देश दिया है। साथ ही दो दिन के अंदर अनुपस्थित स्टॉफ से स्पष्टीकरण तलब किया।

विकास विभाग में 14 कर्मचारी अनुपस्थित मिले

सीडीओ ने सबसे पहले 10.30 बजे विकास विभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां 14 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। इसके बाद कृषि विभाग के दफ्तर में पहुंचे तो वहां भी छह कर्मचारी नहीं थे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दो, लघु सिंचाई व नेडा, कार्यक्रम विभाग, पिछड़ा वर्ग, सांख्यिकीय विभाग, मनरेगा में एक-एक, उद्यान विभाग में पांच, सहकारिता में चार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 21, एनआरएलएम में छह, डीआरडीए में 10, मत्स्य पालन विभाग में आठ, समाज कल्याण में नौ, कृषि रक्षा विभाग में सात तथा पंचायत विभाग में चार कर्मचारी अनुपस्थित रहे। 

आरईएस में सभी नदारद, डीडीओ व एक्सईएन से स्पष्टीकरण

ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) में एक भी कर्मचारी और अधिकारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंचे थे। विकास विभाग का ज्यादातर स्टॉफ नदारद था। इस पर सीडीओ ने डीडीओ और एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब किया है। यह भी जवाब तलब किया गया है कि यदि पूरे स्टॉफ को अवकाश दिया गया है तो वह किन परिस्थितियों में।

 योजनाओं पर पड़ता है असर

कार्यालयों में स्टॉफ के नदारद होने से विकास से संबंधित योजनाओं पर असर पड़ता है। खासतौर पर विकास भवन के लगभग सभी दफ्तर किसी न किसी योजना को संचालित करते हैैं। स्टॉफ के अनुपस्थित रहने के कारण ही विकास योजनाएं गति नहीं पकड़ पा रही हैैं।

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