जासं, अलीगढ़ : खैर कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ी में बुधवार को मामूली विवाद में एक भाई ने छोटे भाई की मारपीट कर दी। खेत में काम करने के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आसपास के लोगों ने दो बार दोनों भाइयों को छुड़ाया। लेकिन, तीसरी बार फिर दोनों भिड़ गए। मारपीट में चोट लगने से छोटे भाई की हालत गंभीर हो गई। इसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्वजन ने देर शाम तक पुलिस को भी कोई जानकारी नहीं दी।

खैर क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ी निवासी सुरेंद्र सिंह के चार बेटे व एक बेटी हैं। इसमें 26 वर्षीय मोटू उर्फ रवेंद्र शादीशुदा है। 24 वर्षीय कालू छोटा बेटा था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात को कालू की मोटू की पत्नी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। तब तो मामला शांत हो गया। लेकिन, बुधवार सुबह दोनों भाई जब खेत पर काम करने पहुंचे तो उसी विवाद को लेकर फिर से झड़प शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ी कि गालीगलौज के बाद मारपीट होने लगी। इसे देख गांव के लोगों ने बीच-बचाव करके विवाद को शांत करा दिया। कुछ देर बाद फिर से दोनों भिड़ गए। इस बार लाठी-डंडे भी चले। लेकिन, ग्रामीणों ने फिर दोनों को अलग कर दिया। दोपहर के समय तीसरी बार दोनों भाइयों में फिर से विवाद हो गया। इस बार बात इतनी बढ़ी कि मोटू ने कालू के सिर में ईंट मार दी। इससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। सूचना पर स्वजन आए। लेकिन, उन्होंने गुपचुप तरीके से कालू को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां देर शाम कालू ने दम तोड़ दिया। इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार ने बताया कि दोनों भाइयों में विवाद हुआ था। ग्रामीणों को कई बार दोनों को छुड़ाया। लेकिन, मारपीट में ईंट लगने से कालू गंभीर रूप से घायल हो गया। स्वजन बिना पुलिस को जानकारी दिए अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगा। आरोपित मोटू फरार है।

बन्नादेवी पुलिस से मिली सूचना

स्वजन ने शाम तक पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। जिला अस्पताल में कालू मौत होने के बाद बन्नादेवी पुलिस ने खैर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद मामले की जानकारी गई तो पूरी बात सामने आई। खैर पुलिस ने रात में पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

मोटू को भी लगी चोट

पुलिस के मुताबिक, मोटू शराब पीने का आदी है। बुधवार को खेत पर जब दोनों भाइयों में विवाद हुआ तो दोनों ओर से मारपीट हुई। इसमें कालू के साथ मोटू को भी चोट लगी थी। ग्रामीणों ने दो बार समझाया। लेकिन, मोनू पर खून सवार था।

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