अलीगढ़ (जेएनएन)। प्रशासन चाहे कुछ भी दावा करे, लेकिन अलीगढ़ में मिलावट का धंधा कम नहीं हो रहा। घी से लेकर पनीर तक में मिलावट हो रही है। मसालों में भी रंग मिलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने दीपावली से पहले इन खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे, इनकी रिपोर्ट आ गई है। जांच में अधिकांश नमूने फेल (असुरक्षित व अधोमानक)आए हैैं।

तालानगरी में घी फैक्ट्री पर छापा

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने बताया कि एफडीए ने चार अक्टूबर को तालानगरी में घी फैक्ट्री पर छापा मारा था। यहां से छह नमूने लिए गए थे। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री संचालक अमर बंसल के पास देशी घी बनाने का लाइसेंस था, लेकिन उनके यहां से देशी घी के साथ वनस्पति, पामोलीन, रिफाइंड और एसेंस पाया गया था। इन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया। जांच रिपोर्ट आ गई है। देशी घी के दो नमूने अद्योमानक व असुरक्षित आए हैं। दूसरी कार्रवाई जलालपुर मसाला फैक्ट्री पर की थी। जहां जयवीर सिंह बिना लाइसेंस के फैक्ट्री चला रहे थे। यहां से हल्दी पाउडर, चाट मसाला, धनिया, लाल मिर्च पाउडर के नमूने भरे गए थे। जांच में ये सब असुरक्षित, अद्योमानक व मिथ्याछाप श्रेणी में आए हैं। इन दोनों के खिलाफ वाद दायर कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से मुहर लगने के बाद कार्रवाई होगी।

अक्टूबर में भरे गए 93 नमूने

एफडीए की टीम ने दीपावली पर जिलेभर में छापेमारी की थी। खाद्य पदार्थों के 93 नमूने भरे गए। अक्टूबर में विभाग को लैब से 25 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनसे से मिठाई, पनीर और दूध के तीन नमूने असुरक्षित श्रेणी में आए हैं।

Posted By: Sandeep Saxena

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