अलीगढ़, जेएनएन।  महिलाओं को और ज्यादा सुरक्षित माहौल देने के लिए लखनऊ सेफ सिटी परियोजना की तर्ज पर अलीलढ़ में शुरू होने वाले महिला सेफ सिटी के कार्य का प्रस्ताव भी शासन के पाले में पहुंच गया है। मंडलायुक्त की ओर इसके लिए प्रस्ताव शासन में भेज दिया गया है। अब वहां से मुहर लगते ही यहां पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

सेफ सिटी के रूप में विकसित है लखनऊ

प्रदेश सरकार ने लखनऊ को सेफ सिटी के रूप में विकसित किया है। इसी के तर्ज पर अब अलीगढ़ समेत 17 शहरों को और महिला सेफ सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना में केंद्र सरकार के निर्भया फंड से 60 फीसदी और 40 फीसदी धनराशि प्रदेश सरकार से मिलेगी। इसके माध्यम से वुमेन हेल्प लाइन 1090 को और बेहतर तरीके से सक्रिय किया जाएगा। महिलाओं के आवागमन के रास्तों पर जहां भी अंधेरा है, वहां रोशनी के लिए लाइट लगेंगी। आवश्यकता के अनुसार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक बस चलेंगी। पिंक टायलेट भी लगाए जाएंगे। पहले चरण में करीब सौ करोड़ की धनराशि इस प्रोजेक्ट पर खर्च होगी। मंडलायुक्त गाैरव दयाल की तरफ से इसका प्रस्ताव शसान में भेज दिय गया है। वहां से मुहर लगते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मंडलायुक्त ने 13 जुलाई को भी इस संबंध में एक पत्र महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के अपर पुलिस महानिदेशक को भेजा है। इसके माध्यम से सेफ सिटी के बारे में पूरी जानकारी दी है।

Edited By: Anil Kushwaha