जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को अब कोई दिक्कत नहीं होगी। दैनिक जागरण के अभियान 'लुट रहा किसान' के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। एडीएम वित्त ने अव्यवस्थाओं पर एजेंसियों को पत्र लिखे गए हैं। इसमें अव्यवस्थाओं पर केंद्र प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की गई। कहीं चूक हुई तो कार्रवाई होगी। जांच के लिए 21 अफसरों की टीम बनाई हैं। टीम निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगी।

एक अप्रैल से गेहूं खरीद की शुरुआत हुई थी। अब तक 16 दिन हो चुके हैं। दैनिक जागरण ने 12 अप्रैल के अंक से लुट रहा किसान अभियान की शुरुआत की। जागरण टीम ने केंद्रों पर जाकर दावों की पड़ताल की। तमाम खामियां सामने आई। चार दिन में दो दर्जन से अधिक केंद्र देखे गए। किसानों से भी बात की गई। कई केंद्र तो ऐसे भी मिलें, जिन्हें अब तक खोला ही नहीं गया। प्रशासन हरकत में आ गया है।

ये आया बदलाव

पहले : अधिकांश केंद्रों पर प्रति कुंतल पर किसानों से दो किलो का कर्दा लिया जा रहा था।

अब : किसान जितना गेहूं देंगे, उतना पैसा मिलेगा। कोई भी अतिरिक्त वसूली नहीं होगी। पहले : केंद्रों पर गेहूं को बारिश से बचाने के लिए इंतजाम नहीं थे।

अब : प्रशासन की तरफ से सभी केंद्र प्रभारियों को गेहूं बचाने के लिए तिरपाल दी गई हैं। अगर केंद्र पर किसान गेहूं लेकर पहुंचता है तो व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होगी। पहले : गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रह था।

अब : प्रशासन की जांच में सामने आया कि उठान न होने की वजह से दिक्कतें हो रही थी। अब रोज शाम को केंद्रों से गेहूं का उठान होगा। पहले : केंद्रों पर कंप्यूटर कांटे लगे हुए हैं। किसानों को मालूम ही नहीं होता कि कितना गेहूं लिया जा रहा था।

अब : किसान अपने साथ कोई भी बांट ले जा सकता है। वह पहले बांट की तोलकर करके कांटे को देख सकेगा। इसके साथ ही बांट-माप विभाग की टीम जांच करके मुहर लगाएगी। पहले: अधिकांश केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं नहीं थी। पीने के पानी के लिए तरसते रहे किसान।

अब : सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी मंडी समिति की होगी। उन्हें हर हाल में पानी, किसानों को बैठने के लिए छाया व बैलगाड़ी में लगने वाले पशु के लिए चारे का इंतजाम करना होगा।

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दैनिक जागरण के अभियान के बाद काफी सच्चाई सामने आई है। अब सभी एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। कहीं भी चूक हुई तो कार्रवाई होगी।

बच्चू सिंह, एडीएम वित्त

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केंद्रों पर आया वारदाना

अतरौली : पिछले चार दिनों से उत्तरी व दक्षिणी सहकारी समितियों पर वारदाना समाप्त हो जाने के कारण किसानों को क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे पड़े अपने गेहूं की रखवाली के लिए दिन और रात रहना पड़ रहा था। किसानों की इस पीड़ा को दैनिक जागरण ने 'क्रय केंद्र पर वारदाना खत्म, किसान परेशान' शीर्षक से छापकर प्रशासन को चेताया था। सोमवार को दोनों ही केंद्रों पर वारदाना आ गया।

Posted By: Jagran

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