अलीगढ़ (जेएनएन)। हरियाणा-यूपी सीमा पर विवादित तीन हजार एकड़ भूमि पर जुताई-बोआई पर रोक लगा दी गई है। खैर तहसील में दोनों प्रदेशों के अफसरों के बीच हुई बैठक में इसका फैसला लिया गया। दोनों प्रदेशों के अफसर सर्वे ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर सीमा पर पिलर लगाने की मांग करेंगे। 15 दिन में हरियाणा के अफसर यहां के अफसरों को जमीन से जुड़े कागजात उपलब्ध कराएंगे।

दशकों से है विवाद

हरियाणा-उप्र सीमा पर दशकों से अलीगढ़ के टप्पल व पलवल के होडल तहसील क्षेत्र के किसानों के बीच जमीन पर विवाद है। इससे हरियाणा के 123 व अलीगढ़ के 589 किसान प्रभावित हैं। विवाद सुलझाने के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं हो सका।

किसानों पर जमीन जबरन जोतने के आरोप

खैर तहसील में अलीगढ़ व पलवल (हरियाणा) के अफसरों व किसानों की बैठक में अस्थायी समाधान निकालने पर मंथन हुआ। दोनों ओर के किसानों ने आरोप-प्रत्यारोप लगाए। यूपी के किसानों ने हरियाणा वालों पर जबरन जमीन जोतने का आरोप लगाया। तय हुआ कि विवादित जमीन खाली रखी जाएगी। अंतिम फैसला न आने तक कोई जुताई नहीं करेगा। राजस्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है।

पिलर लगाने को लिखा जाएगा पत्र

सर्वे ऑफ इंडिया को भी पिलर लगाने के लिए पत्र लिखा जाएगा। जमीन के दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हो जाएगा। बैठक में एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव, एसडीएम खैर अरविंद कुमार, तहसीलदार कौशल कुमार आदि रहे।

ये है विवाद

यमुना की धारा का रुख बदलने से दशकों पहले यूपी की कुछ जमीन हरियाणा में और वहा की इधर आ गई थी। हरियाणा के किसान यूपी में आई अपनी फसल तो काट ले जाते हैं, लेकिन यूपी के किसानों को नहीं काटने देते। इसमें कई बार खूनी टकराव हो चुका है। केंद्र सरकार ने दीक्षित आयोग की रिपोर्ट पर दोनों राज्यों को अमल करने को कहा। प्रशासनिक अफसरों के मुताबिक टप्पल के किसानों की 2188 एकड़ भूमि हरियाणा में गई है, जबकि वहा की 1286 एकड़ अलीगढ़ सीमा में आई है।

प्रभावित गाव

हरियाणा : बिलोचपुर, काशीपुर, अतवा, कुशक, थातकोनगर, सुल्तानपुर, मुर्तजाबाद।

अलीगढ़ : ललितपुर रैयतपुर, शेरपुर, समस्तपुर, घरबरा, मालव, गिरधरपुर, ऊंटासानी, धारागढ़ी।

Posted By: Jagran