अलीगढ़, जागरण संवाददाता। शिक्षा में सुधार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विभाग को कड़े निर्देश दे रखे हैं कि अध्यापक सही समय पर विद्यालय पहुंच कर शिक्षण कार्य कराएं लेकिन अध्यापक अपनी मनमर्जी से स्कूल पहुंचते हैं। यही कारण है कि विजयगढ़़ के ग्राम गोकुलपुर में प्रधानाचार्य मनोज कुमार के प्रतिदिन लेटलतीफे के कारण अभिभावक एवं छात्र आक्रोशित हो गए और जमकर विद्यालय में हंगामा काटा और ताला लगा दिया।  

अभिभावकों ने स्‍कूल में जड़ा ताला

अभिभावकों का आरोप है गांव में प्राथमिक एवं जूनियर हाई स्कूल है, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार प्रतिदिन 1 से 2 घंटा तक लेट आते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी प्रधानाचार्य में सुधार नहीं आया। शनिवार को जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो ताला लटका हुआ था तो बच्चों ने शिकायत की। जानकारी होने पर सभी अभिभावक भी पहुंच गए और अपनी ओर से दूसरा ताला लगा कर जमकर हंगामा काटा। सूचना पर इंस्पेक्टर सीताराम सरोज भी पहुंच गए, जिन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और ताला खुलवा कर शिक्षण कार्य शुरू कराया गया।

बच्चों में श्रवण दोष की पहचान जरूरी : प्रो. तबस्सुम

अलीगढ़ । एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज के राष्ट्रीय बाल जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र की ओर से बच्चों में बहरेपन की पहचान विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। इसमें शिशुओं की जांच और स्क्रीनिंग की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रो. तबस्सुम शहाब ने कहा कि बच्चों में श्रवण दोष की तत्काल पहचान आवश्यक है, ताकि उनकी सुनने और बोलने की क्षमता को ठीक किया जा सके। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. एमयू रब्बानी व प्रो. हारिस एम. खान ने प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रमाण पत्र वितरित किए।बाल रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. कामरान अफजल, प्रो. सैयद मनाजिर अली, डा. आफताब अहमद ने, डीईआइसी-सीओई की नोडल अधिकारी डा. उज़मा फिरदौस, नैदानिक मनोवैज्ञानिक डा. फिरदौस जहां, स्पीच थेरेपिस्ट बिभा कुमारी ने भी विचार रखे।

Edited By: Anil Kushwaha