अलीगढ़ (जेएनएन)। 'मेरे सच बोलने पर कोई शाबाशी नहीं देता। अब सच्चों को भी सच्चाइयां अच्छी नहीं लगती!' ये पंक्तियां रालोद के महानगर प्रवक्ता जियाउर्रहमान ने पार्टी के वाट्सएप ग्रुप पर लिखी हैैं। इनमें सियासी घमासान छिपा हुआ है। इगलास विधानसभा उपचुनाव में सुमन दिवाकर का पर्चा खारिज होने को रालोद नेताओं ने प्रशासन की मनमानी व भाजपा की साजिश करार दिया था।

दिग्गजों की भूमिका पर संदेह

महानगर अध्यक्ष अनीस चौहान ने नामांकन वाले दिन एक अक्टूबर को बी फार्म के समय से न पहुंचने के लिए पार्टी के दिग्गजों की भूमिका पर संदेह जताया था। पिछले विधानसभा चुनाव में बरौली क्षेत्र से रालोद प्रत्याशी रहे नीरज शर्मा ने दो अक्टूबर को जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर जियाउर्रहमान ने नीरज को कठघरे में खड़ा कर जवाब दिया कि नामांकन वाले दिन शर्मा अपने सियासी आकाओं के यहां कमरे में बैठे थे, जिन्होंने समय पर बी फार्म नहीं दिया।

पदाधिकारियों ने नहीं दी तवज्जो

अनीस चौहान ने शुक्रवार को तल्ख टिप्पणी की है, जिसमें सुमन दिवाकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने शहर व जिलाध्यक्ष को दायित्व के अनुसार तवज्जो नहीं दी। नामांकन वाले दिन वे सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव समेत अन्य नेताओं के साथ चाय पीती रहीं। फाइल पूरी कराने के प्रति गंभीर नहीं थीं। सुमन दिवाकर भी एक कार्यकर्ता से मोबाइल पर दिग्गजों की पार्टी के  प्रति वफादारी पर सवाल उठा चुकी हैं। जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी ने कहा कि हर गतिविधि पर नजर है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश का इंतजार है।

Posted By: Sandeep Saxena

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