अलीगढ़, जागरण संवाददाता। मंगलायतन विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। दो दिवसीय कांफ्रेंस का विषय "एनवायरमेंटल साइंस टेक्नोलॉजी एवं मैनेजमेंट" है। कॉन्फ्रेंस का आयोजन विश्वविद्यालय के आईईटी, एग्रीकल्चर व मैनेजमेंट विभाग द्वारा किया गया है। शुरुआत मंविवि के डायरेक्टर अकादमिक एवं रिसर्च प्रो. गुरूदास उल्लास के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि मंविवि के कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने आयोजकों को बधाई दी और इस प्रकार के आयोजनों पर बल दिया।

जैव रासायनिक तंत्र को समझना जरूरी

प्रथम सत्र में जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान प्रयोगशाला नौशिरवानी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बाबोल, ईरान के प्रमुख प्रो. घासेम डी. नजफपौर ने जैव बायोसाइंस फंडामेंटल्स में विकास के सम्बन्ध में बताया एमडीसी सिस्टम में शामिल जैव रासायनिक तंत्र को समझने पर जोर दिया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से प्रो. एम. मसरूर आलम ने जल वायु परिवर्तन के साक्ष्य तथ्य और उसके भू-अभियांत्रिकी समाधान पर विचार व्यक्त किए। पृथ्वी विज्ञान विभाग, भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान कोलकाता के प्रो. गोपाल कृष्ण दरभा द्वारा नदी और समुद्री वातावरण में सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के बारे में समझाया। कलकत्ता विश्वविद्यालयके पर्यावरण विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. पृथा भट्टाचार्जी ने एक सतत भविष्य के लिए पर्यावरण और प्रौद्योगिकी का एकीकरण पर बात रखी।

कर्म सिद्धांत पर दी विस्‍तृत जानकारी

दूसरे सत्र में वरिष्ठ भूविज्ञानी और दोहा तकनीकी प्रयोगशालाएं, कतर के प्रभारी हामिद जाफर ने डामर फुटपाथ पुनर्चक्रण पर बात रखी। इमाम जाफर अल-सादिक विश्वविद्यालय मेसन, सूचना प्रौद्योगिकी कॉलेज इराक के इंजीनियरिंग कंप्यूटर तकनीकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. हैदर जब्बार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एक्सपर्ट सिस्टम पर तथ्य साझा किए। तकनीकी सत्र में हिमांशु जैन द्वारा मानव संसाधन प्रबंधन में कर्म सिद्धांत का विचार विषय पर मौखिक प्रस्तुति दी गई। वहीं, हरीश नाहटे ने डिज़ाइन एन्ड डेवलपमेंट ऑफ़ मैन्युअली कम पावर ऑपरेटेड ग्राउन्डनट पॉड्स स्ट्रिपर पर पोस्टर प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हरित प्रियदर्शी, डॉ. सैयद दानिश यासीन नक़वी और डॉ. राजीव शर्मा रहे। डॉ. नक़वी ने संचालन किया।