केवल 40 रुपये में इम्युनिटी बूस्टर, बड़ा गुणकारी है सिंघाड़ा; हड्डियों और दांतों को मिले मजबूती
मौसम में बदलाव के साथ अलीगढ़ में सिंघाड़े की बिक्री शुरू हो गई है, जो पौष्टिक और औषधीय गुणों से ...और पढ़ें

अलीगढ़ में एक ठेल से सिंघाड़ा खरीदते ग्राहक।
HighLights
सिंघाड़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, हड्डियों को मजबूती देता है।
विटामिन सी, फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन से भरपूर, स्वास्थ्य के लिए लाभदायक।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मौसम में बदलाव के साथ ही तालाबों में उगने वाले सिंघाड़े की बिक्री शुरू हो गई है। पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर सिंघाड़े का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसमें विटामिन सी, फाइबर और कैल्शियम पाए जाते हैं। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसे कच्चा या उबालकर खाया जा सकता है।
जनपद में अतरौली समेत कई इलाकों में सिंघाड़े की खेती होती है। क्वार्सी चौराहे, रामघाट रोड, दोधपुर और दुबे का पड़ाव सहित अन्य क्षेत्रों में इसकी बिक्री हो रही है। ठेलों पर यह 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। सिंघाड़ा जनवरी तक, यानी अगले तीन से चार महीने उपलब्ध रहेगा।
क्यों है गुणकारी
इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। साथ ही, यह प्रोटीन, आयरन और कार्बोहाइड्रेट का भी अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से थकान और कमजोरी दूर करने में मदद मिलती है। फाइबर की अधिक मात्रा के कारण पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे भूख कम लगती है और वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। सिंघाड़े में एंटीआक्सीडेंट, कैल्शियम और फास्फोरस भी पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
डायबिटीज रोगी सीमित मात्रा में खाएं
वरुण हास्पिटल की वरिष्ठ डायटीशियन डा. ऋचा तिवारी के अनुसार, सिंघाड़ा पोषक तत्वों से भरपूर एक लाभकारी खाद्य पदार्थ है। इसमें पानी, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, खनिज और एंटीआक्सिडेंट पाए जाते हैं। इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने, पाचन बेहतर बनाने और कब्ज की समस्या में मदद कर सकता है। फाइबर के कारण पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है।
सिंघाड़ा प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री भी होता है। सिंघाड़ा सुबह या दोपहर में खाना बेहतर है। इसे अच्छी तरह धोकर और छीलकर खाएँ या उबालकर सेवन करें। डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में खाएं, क्योंकि इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं। किडनी के मरीज पोटैशियम के स्तर और किडनी की स्थिति के अनुसार डाक्टर या डायटीशियन की सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।
