अलीगढ़ [जेएनएन] तहसील बनवाने को लेकर अलीगढ़ के दो विधायकों में जंग शुरू हो गई है। अकराबाद को भी तहसील बनाने की उठने लगी है। सोमवार को छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने इसके लिए कमिश्नर को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने जनता के हित में अकराबाद को तहसील बनाने की मांग की। उन्होंने पुराने प्रस्ताव का हवाला भी दिया। इधर विधायक दलवीर सिंह ने बरौली को तहसील बनाने की मांग की है।

विधायक ने दिए तर्क

छर्रा विधायक ने कहा कि अकराबाद से चारों दिशा में लगभग 15 से 18 किमी की दूरी पर अन्य तहसीलों के गांव लगे हैं। इनमें अतरौली, सासनी तहसील शामिल हैं। अकराबाद क्षेत्र से जुड़े गांव कोल तहसील में हैं।  अकराबाद से जिला मुख्यालय व कोल तहसील 25 किमी है। कोल तहसील मुख्यालय से इस क्षेत्र के अंतिम दूरस्थ गांव की दूरी 40 किमी है। वहां के लोगों को तहसील तक जाने में दिक्कतें होती हैं। कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है। जनता के हित में अकराबाद को तहसील बनाना मानकों के अनुरूप है। अकराबाद की गाटा संख्या 00410 पर 20 एकड़ सरकारी जमीन भी है। इसका उपयोग तहसील मुख्यालय के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी डीएम को इसका प्रस्ताव भेज चुके हैं। उन्होंने मंडलायुक्त से मांग की कि नई तहसील के गठन के लिए प्राथमिकता से सरकारी भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। इसके बाद राजस्व परिषद व शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।

डीएम ने कोल तहसील से मांगा प्रस्ताव

डीएम ने पिछले साल कोल तहसील के एसडीएम से अकराबाद को तहसील बनाने का प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव न मिलने पर उन्होंने 14 नवंबर को रिमाइंडर भेजा, जिसमें एक साल में प्रस्ताव न भेजने पर नाराजगी जताते हुए जल्द भेजने को कहा है।

2015 से चली आ रही मांग\

अकराबाद को नई तहसील बनाने की मांग नहीं है। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हरदुआगंज के कासिमपुर में किसी कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। तब यहां के प्रतिनिधियों ने अकराबाद को तहसील बनाने की मांग रखी थी।

इन कारणों से दावा मजबूत

- ब्रिटिश शासन में अकराबाद रही थी तहसील।

- अकराबाद ब्लॉक के अंतिम गांव की कोल तहसील से अधिक दूरी।

- कोल तहसील पर अन्य के मुकाबले क्षमता से अधिक भार।

- अकराबाद कस्बा जीटी रोड पर है स्थित।

सम्मेलन में जल्द होगा बड़ा फैसला

धनीपुर ब्लॉक के प्रधान संगठन अध्यक्ष अर्जुन सिंह भोलू ने कहा कि अकराबाद को तहसील बनाना जनता के हित में है। यहां के लोगों को फिलहाल सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही धनीपुर के 74 व अकराबाद के 75 ग्राम प्रधानों का सम्मेलन बुलाया जाएगा। इसमें सर्वसम्मिति से तहसील की स्थापना के लिए निर्णय होगा। अगर जरूरत पड़ी तो धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल और ज्ञापन पर भी विचार होगा।

बरौली को बनाया जाए तहसील : दलवीर

बरौली विधायक दलवीर सिंह ने कहा है कि बरौली को तहसील बनाना अति महत्वपूर्ण है। वह तहसील के हर मानक को पूरा करता है। विधायक ने कहा कि गभाना व जवां को नगर पंचायत घोषित कराने  के लिए भी वे काफी समय से प्रयासरत हैं। जिला मुख्यालय से 17 जुलाई 2019 को गभाना को नगर पंचायत व बरौली को तहसील बनाने के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैैं। जवां का प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर लंबित है। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह से भी बात हो चुकी है। उनसे प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने व जवां के प्रस्ताव को शीघ्र शासन में मंगाने के लिए कहा है। विधायक ने कहा है कि प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि जो प्रस्ताव शासन में पहुंच गए हैं उन पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।

Posted By: Sandeep Saxena

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