अलीगढ़, जागरण संवाददाता। गौंडा क्षेत्र के गांव ढांटोली में सात साल पहले मृत दर्शाई गई किशोरी अब बालिग हो गई है। सोमवार को उसके अदालत में बयान दर्ज कराए गए। साथ ही पुलिस को डीएनए मिलान की अनुमति मिल गई है। अब पुलिस डीएनए कराने के साथ नए साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है।

लापता लड़की को स्‍वजनों ने मृत बताकर व‍िष्‍णु को भ‍िजवाया था जेल

  • 17 फरवरी 2015 को गौंडा क्षेत्र के गांव ढांटोली में रहने वाले एक व्यक्ति ने मुकदमा कराया था। इसमें कहा था कि 10वीं में पढ़ने वाली उनकी बेटी लापता है। इसमें गांव के ही विष्णु पर शक जताया। पुलिस किशोरी का सुराग नहीं लगा पाई।
  • कुछ महीनों बाद आगरा में एक किशोरी का शव मिला। स्वजन ने उसकी शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की। विष्णु पर हत्या का आरोप भी लगा। विष्णु जेल में है।
  • हालांकि, तीन साल पहले वह जमानत पर बाहर आ गया, मगर समन/एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद हाजिर न होने पर उसके खिलाफ कुर्की नोटिस जारी हुआ था। तब उसे जेल भेजा गया।
  • अब वह एक माह से जेल में है। इधर, बीते दिनों आरोपित विष्णु की मां सुनीता गौतम ने एसएसपी से की शिकायत। कहा कि जिस लड़की की हत्या में बेटा जेल में है, वह हाथरस में जिंदा है।
  • वो लड़की हाथरस के नगला चौखा निवासी राजकुमार के साथ शादी करके रह रही है। जांच में पता चला कि किशोरी नाम बदलकर रह रही थी।

पुल‍िस ने क‍िशोरी को बरामद कर कोर्ट में क‍िया पेश

पुलिस ने उसे बरामद करके सोमवार को अदालत में पेश किया। यहां किशोरी के 164 के बयान दर्ज किए गए हैं। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किशोरी के बयानों का अवलोकन किया जाएगा। साथ ही डीएनए मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भागवताचार्य को हुआ था शक, डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद हुई जांच

मथुरा के वृंदावन निवासी भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री कुछ दिन पहले हाथरस के उसी गांव के पास स्थित अन्य गांव में भागवत के लिए गए थे। उन्हें लड़की को देखकर कुछ शक हुआ। 

भागवताचार्य ने फोन से ली लड़की की तस्‍वीर, स्‍वजनों ने की पहचान

भागवताचार्य उदय कृष्ण को नगला चौखा में रहने वाले एक जजमान ने भोजन के लिए बुलाया। उसी मकान के बगल में ये लड़की भी रहती थी। भोजन के दौरान लड़की आ गई थी। इस पर भागवताचार्य को शक हुआ कि लड़की जानी-पहचानी है। लेकिन, उसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं हो पाई। हालांकि, शक होने पर उन्होंने फोन में लड़की की तस्वीर खींच ली। इसके बाद स्वजन को दिखाने पर स्पष्ट हुआ कि किशोरी वही है, जो सात साल पहले मृत दर्शाई गई थी। इसके बाद भागवताचार्य ने अपने स्तर से तहकीकात की। सबकुछ स्पष्ट होने के बाद भागवताचार्य डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से जाकर मिले। तब जाकर मामले में गंभीरता से जांच हुई।

पुलिस हिरासत से कुख्यात भोला को छुड़ाने वालों में शामिल था विष्णु

पुलिस की जांच में सामने आया है कि विष्णु ढांटोली के कुख्यात पंकज उर्फ भोला का साथी है। भोला हरेंद्र राणा गैंग का शार्प शूटर था। 11 अप्रैल 2015 को मैनपुरी जेल से उसे फिरोजाबाद में शिफ्ट किया गया था। 24 मई 2015 को कुख्यात भोला को फिरोजाबाद पुलिस लाइन के सिपाही पेशी के लिए मथुरा लाए थे। यहां से वापस फिरोजाबाद जेल आने के दौरान टूंडला के पास उसके साथियों ने पुलिस दल पर हमला किया था। इस दौरान एक सिपाही बदमाशों की गोली से जख्मी हो गया था। कुख्यात भोला को उसके साथी छुड़ा ले गए थे। इसमें विष्णु भी शामिल था।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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