अलीगढ़, जागरण संवाददाता। जिले में तेजी से बुखार अपने पैर पसार रहा है। पिछले पांच दिनों में जिले के सरकारी अस्पतालों में 2152 बुखार के मरीज पहुंच चुके हैं। निजी चिकित्सालयों में भी ऐसे मरीजों की भीड़ लगी है।गुरुवार को सरकारी अस्पतालों में कुल 414 बुखार के मरीज पहुंचें। वहीं, तीन मरीज डेंगू के सामने आए। अब डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 45 हो गई है।

यह हैं हालात

जिले में बुखार के मरीज बढ़ने के कारण जिला अस्पताल प्रशासन की परेशानी बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में बुखार के मरीजों से बैड फुल रहे हैं। हर दिन ओपीडी के साथ ही इंमरजेंसी में भी बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। अगर पिछले पांच दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 2152 लोग बुखार के मिल चुके हैं। इनमें बच्चों के साथ ही बड़े-बुजुर्ग भी शामिल हैं। स्वास्थय विभाग की तरफ से मलखान सिंह जिला अस्पताल समेत पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मलेरिया से बचने के लिए यह करें

रुके हुए पानी के स्थानों को मिट्टी से भर दें। यदि ऐसा संभव हो तो उसमें मिट्टी का तेल या डीजल आदि डाल दें। इससे मच्छर नष्ट हो जाएं। इसके अलावा नारियल के खोल, प्लास्टिक कप बोतल आदि में जल एकत्रित न होने दें। जहां तक संभव हो पूरे आस्तीन की कमीज व अन्य कपड़े पहनें। शरीर के अधिक से अधिक हिस्से को ढककर रखें। तेज बुखार होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।

डेंगू लार्वा की जांच को चला अभियान

डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत गुरुवार को जिला मलेरिया अधिकारी राहुल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में डेंगू लार्वा की जांच के लिए शहरी क्षेत्र में आठ व ग्रामीण क्षेत्रों में 13 टीमों ने अभियान चलाकर कार्रवाई की। इसमें डेंगू संक्रमित मरीजों के क्षेत्र सराय मियां, खाई डोरा, भगवान नगर, कुंवर नगर में जांच हुई। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में अतरौली में अभियान चलाकर कार्रवाई हुई। इसमें कुल 856 घरों में जाचं की गई। 559 कूलर, 1981 कंटेनर एवं अन्य पात्रों का जांचा गया। इसमें 29 स्थानों पर लार्वा मिला। इसके साथ ही हेल्थ कैंप भी लगाए गए। पीएससी 45वीं वाहिनी में प्रशिक्षु जवानों को वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए संवेदीकरण हेतु एक कार्यशाला का आयोजन व एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। लोगों को डेंगू के प्रति जागरुक किया गया। इस मौके पर डा. अरसलान, सहायक मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता, निदा,मोनू समेत अन्य माैजूद रहे।