सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़ । Aligarh News : वक्फ की बेशकीमती संपत्तियां जिले में दशकों से अवैध कब्जों के ‘मकड़झाल’ में फंसी हुई हैं। इन पर बहुमंजिला भवन बना दिए गए। कब्जे के बाद करोड़ों की जमीनों के दस्तावेजों में हेराफेरी कर कौड़ियों के भाव बेच दी गईं। शाहजमाल से लेकर सिविल लाइंस तक यह खेल चल रहा है। जिले की पांच तहसीलों में कुल वक्फ संपत्तियों की संख्या 4266 है। इनमें सबसे अधिक संख्या कोल तहसील में हैं। सरकार के आदेश के बाद इन वक्फ संपत्तियों के सर्वे की कार्रवाई शुरु हुई है।

जिले में अलग अलग 4266 वक्‍फ संपत्‍तियां

सरकारी रिकार्ड के अनुसार जिले में अलग-अलग स्थानों पर शिया व सुन्नी समुदाय की 4266 वक्फ संपत्तियां हैं। इसमें सबसे अधिक कोल तहसील में 2872 संपत्तियां हैं। अतरौली में 938, गभाना में 34, इगलास में 153 व खैर में 269 संपत्तियां हैं। जिले की अधिकतर वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं। लोग बिना आवंटन के ही इनमें रह रहे हैं। बिना अनुमति के निर्माण तक करा लिए।

अरबों में है संपत्तियों की कीमत

जिले में अधिकतर वक्फ संपत्तियां पाश इलाकों में हैं। अफसरों के अनुसार इनकी कीमत भी अरबों रुपये में हैं, लेकिन राजनीतिक मिलीभगत के चलते कुछ लोगों ने कौड़ियाें के दामों में ही इन जमीनों पर कब्जा कर रखा है। कुछ लोग तो निर्धारित किराया तक नहीं देते हैं। कई बार शासन सतर से इसको लेकर जांच के आदेश हुए हैं, लेकिन हर बार स्थिति ढाक के तीन पात ही रही है। अल्पसंख्यक विभाग ने भी कई बार जांच रिपोर्ट शासन स्तर में भेजी हैं, लेकिन वहां से आगे कोई आदेश नहीं आया।

इसे भी पढ़ें : Sanskaarshala: समय से पहले बच्चों को बड़ा बना देता है माेबाइल, पैरेंट्स ऐसे करें कंट्रोल

वक्फ में दो तरह की संपत्तियां

वक्फ में दो तरह की संपत्तियां होती हैं। इसमें पहली है ‘वक्फ अलल खैर’। इसमें वे सभी धार्मिक संपत्तियां आती हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत करते हैं। जैसे-मस्जिद, इमामबाड़ा, ईदगाह, दरगाह व कब्रिस्तान आदि। दूसरी वक्फ संपत्ति ‘वक्फ अलल औलाद’ होती है। इनमें वे संपत्तियां आती हैं, जिनमें एक हिस्से को वक्फ के लिए दिया जाता है, जबकि बाकी हिस्सा दान करने वाला व्यक्ति अपनी औलाद के लिए रख देता है। इन संपत्तियों का प्रबंधन उन्हीं की औलादों के हाथ में होता है। यह पीड़ी दर पीड़ी हस्तांतरित होती रहती हैं।

जिले में वक्फ संपत्तियों की स्थिति

कृषि भूमि, 01

व्यावसायिक भवन, 11

दरगाह व मजार, 73

कब्रिस्तान, 1194

आवासीय घर, 658

हुजरा, 119

ईदगाह, 30

मदरसा,78

इनका कहना है

वक्फ संपत्तियों को लेकर प्रशासन गंभीर हैं। डीएम की ओर से वक्फ संपत्तियों के सर्वे के लिए तहसील स्तर पर टीम गठित कर दी गई हैं। इन टीमों को संपत्तियों के बारे में पूरा ब्योरा भी दे दिया है। कुछ जमीनों पर अवैध कब्जे की भी जानकारी मिली है।

- स्मिता सिंह, प्रभारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी

Edited By: Anil Kushwaha

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट