अलीगढ़, जेएनएन। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए टीका ही अब एकमात्र कारगर जरिया है। अब 45 पार वालों के साथ 18-44 वर्ष आयु के लोगों का भी टीकाकरण शुरू हो गया है। जनपद में दो लाख से अधिक लोगों को टीका लग चुका है। लोग उत्साहित हैं, लेकिन टीका लगवाकर यह नहीं मान लेना है कि अब संक्रमण नहीं होगा। अभी तक किसी भी कंपनी का टीका 100 फीसद सुरक्षा नहीं देता, इसलिए टीकाकरण के बाद भी पहले की तरह सावधानी बरतनी होगी। तभी हम लोग कोरोना को हराने में सफल होंगे।  दरअसल, यह टीका आपके शरीर को वायरस के जानलेवा परिणामों से बचाने का कार्य करती है। इसलिए जरूरी है कि कोरोना के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। तभी हम संक्रमण दर में कमी ला पाएंगे। 

वैक्सीन इसलिए है जरूरी

यदि आपको लगता है कि टीका लगवाने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा पूरी तरह से खत्म हो जाता है तो ये ठीक नहीं। कोई भी मौजूदा टीका 100 फीसद सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में ऐसे लोगों की संख्या गिनी चुनी है जो पहला या दोनों टीके लगने के बाद भी संक्रमित हुए। लेकिन, बड़ी बात ये है कि कोई भी गंभीर मरीज सामने नहीं आया। इसका मतलब ये हुआ कि वायरस ने इन लोगों को संक्रमित तो किया, मगर उतना असर नहीं कर पाया। 

टीकाकरण के बाद भी संक्रमित होने की वजह 

- खुद को सुरक्षित समझकर मास्क पहनने, हाथ धोने व शारीरिक दूरी के नियम का पालन न करना। 

- टीकाकरण के बाद डाक्टर द्वारा बताए गए दिशा-निर्देश का पालन न करना। 

- रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना।

- दूसरी खुराक समय पर नहीं लेना या लगवाना ही नहीं।- 80 से 90 फीसद आबादी के टीकाकरण तक सर्तकता बनाए रखना जरूरीअब 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू हो गया है। जितनी जल्दी हो सके, हमें टीकाकरण करा लेना है। टीका लग गया, यह मानकर लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी है। जब तक संक्रमण खत्म नहीं हो जाता, तब तक सावधानी जरूरी है। 

- डा. बीपीएस कल्याणी, सीेएमओ।