अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  राष्ट्रभाषा हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए माडर्न उर्दू शिक्षा समिति प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोलेगी। हिंदी दिवस पर यह निर्णय संस्था के पदाधिकारियों ने लिया है। साथ ही राष्ट्रभाषा का प्रचार-प्रसार कर इसे आगे बढ़ाने के लिए शपथ भी ली। पदाधिकारियों ने कहा कि हिंदी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने के लिए आमजन का प्रेरित किया जाएगा। जिससे नई पीढ़ी राष्ट्रभाषा के महत्व को समझ सके।

माडर्न उर्दू शिक्षा समिति ने पास किए कई प्रस्‍ताव

भुजपुरा स्थित एसके इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में माडर्न उर्दू शिक्षा समिति द्वारा कई प्रस्ताव पारित किए गए। प्रदेश महामंत्री बाबा फरीद आजाद ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय को आगे बढ़ाने और हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर वर्ष 1953 में पूरे भारत में प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है। एक तथ्य यह भी है कि 14 सितंबर 1949 को हिंदी के साहित्यकार राजेंद्र सिंह का 50वां जन्मदिन था। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को हिंदी का सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिंदी के उपयोग करना चाहिए। जिन देशों ने अपनी राष्ट्रभाषा को आगे बढ़ाने का काम किया, वह देश हमेशा आगे बड़े हैं। हमें भी अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए अपनी राष्ट्रभाषा को आगे बढ़ाना होगा। तभी हम राष्ट्रभाषा हिंदी का हक अदा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि संस्था ने कुछ प्रस्ताव पारित किए हैं। इनमें हिंदी के प्रचार-प्रसार और हिंदी को आम जन तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रभाषा सप्ताह मनाया जाएगा।

25 साल से भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रही संस्‍था

संस्था पिछले 25 वर्षों से भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है। निश्शुल्क पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। राष्ट्रभाषा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोलने की योजना भी बनाई जा रही है। जिससे कि जो लोग शिक्षा से वंचित है, उन्हें शिक्षा दी जा सके। संस्था के पदाधिकारियों ने राष्ट्रभाषा हिंदी को आगे बढ़ाने की शपथ ली। प्रदेश महामंत्री का पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस अवसर पर मजहरुद्दीन, मुस्तकीम, इमरान, सलमान, हाजरा बेगम, दिलशाद, असलम, जहीर, शानू, सुनील, मोहम्मद फहद खान, मोहम्मद अरहम खान, हजरत शकील, शाहरुख, मोहम्मद आजाद आदि मौजूद रहे।

Edited By: Anil Kushwaha