अलीगढ़, जेएनएन। योगी सरकार ने बजट में पारंपरिक कारोबार को बढावा देने के लिए सरकारी खजाना खोल दिया है। वन डिस्टिक्ट, वन प्रोडेक्ट (ओडीओपी) में चयनित ताला हार्डवेयर को बढावा मिलेगा। उद्यमियों को सब्सिडी पर मिलने वाले लोन का बजट बढाया गया है। सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) खोले जाएंगे। किसान, व्यापारी, उद्यमी, आम आदमी सभी का ध्यान रखा गया है। गरीबों का बजट है। शिक्षा के लिए बजट में बहुत कुछ दिया गया है।

प्रदेश के इतिहास में 37 वर्ष बाद लगातार दूसरी बार बनी योगी सरकार विशाल बजट लेकर आयी है। इस बजट में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला सभी के हितों का ख्याल रखा गया है। निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश आने वाले समय में सर्वोच्च प्रदेश बनेगा।

मुक्ता राजा, शहर विधायक

प्रदेश सरकार का बजट गांव, गरीब, उद्योगों के विकास और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में 119 वादे किए थे। इनमें से 97 वादे पूरा करने की दिशा में यह बजट है। यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश व अंत्योदय की संकल्पना की सिद्धि को समर्पित लोक कल्याणकारी बजट है।

ठा. जयवीर सिंह, बरौली विधायक

इस बजट मे प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। आपदा राहत के लिए पहली बार आपदा प्रहरी एप विकसित किया गया है।

अनूप प्रधान, राजस्व राज्य मंत्री

विकास उन्मुख बजट है। जिसमें किसान, व्यापारी, उद्यमी, आम आदमी सभी का ध्यान रखा गया है। गरीबों का बजट है। शिक्षा के लिए बजट में बहुत कुछ दिया गया है। जिसके जरिए बेसिक शिक्षा के लिए और बेहतर काम करेंगे। धन के अभाव में कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। हमारी सरकार पहले से ही शिक्षा की बेहतरी के लिए काम कर रही है।

संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

अलीगढ़ के लिए अच्छा बजट है। औद्योगिक संस्थान, शिक्षण संस्थान, सड़क आदि के विकास और उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने वाला बजट है। जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने वाला संतुलित और समग्र विकास का बजट प्रदेश सरकार लायी है।

अनिल पाराशर, कोल विधायक

बजट सराहनीय और ऐतिहासिक है। गोशालाओं के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था लोकप्रिय कदम है। सरकार द्वारा अपने इस बजट में किसान, युवाओं सहित प्रदेश में निवास करने वाले हर तबके का पूरा ध्यान रखा गया है। जिससे प्रदेश विकास की एक नई राह पर प्रगति और उन्नति करेगा।

ठा. रवेंद्र पाल सिंह, छर्रा विधायक

Edited By: Sandeep Kumar Saxena