जासं, अलीगढ़ : डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर कराने का फैसला किया है। कोरोना काल में उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में दिक्कत को देखते हुए ये फैसला किया गया है। यह जानकारी एसवी कालेज के शिक्षक व परीक्षा समिति सदस्य डा. ओमवीर ने दी। बताया कि पहले लिखित परीक्षाएं कराने का फैसला था, जो बदल दिया गया है। वहीं दूसरी ओर विवि के इस फैसले से छात्र वर्ग काफी नाखुश है। क्योंकि पहले तय पैटर्न के अनुसार उन्होंने सिलेबस तैयार किया था।

विवि जनसंपर्क अधिकारी डा. सुनीता गुप्ता ने बताया कि जुलाई के तीसरे सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा डेढ़ घंटे की होंगी। 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में से 50 के जवाब विद्यार्थी को देने होंगे। प्रायोगिक परीक्षा वाले विषयों में केवल मौखिक परीक्षा ही कराई जाएगी। मौखिक परीक्षाओं में वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी और 75 फीसद से ज्यादा अंक नहीं दिए जाएंगे। बताया कि ये फैसले कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए। वहीं, वरिष्ठ छात्रनेता अमित गोस्वामी ने कहा कि विश्वविद्यालय बारबार अपने फैसले बदलकर छात्र जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। इसके विरोध में आवाज उठाई जाएगी। ओएमआर शीट पर परीक्षाओं का विरोध बड़े स्तर पर किया जाएगा।

आरसीए छात्रों की बीपीएससी परीक्षा में सफलता: एएमयू की आवासीय कोचिग आरसीए के चार विद्यार्थियों ने बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षा पास की है। इनमें मोहम्मद जाफर को सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग, मोहम्मद अता उल हक ब्लाक पंचायत अधिकारी और सदफ आलम व सतेंद्र कुमार को राजस्व अधिकारी चुना गया है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। आरसीए के निदेशक प्रो. इमरान सलीम ने कहा कि आरसीए के छात्रों की सफलता दर बढ़ रही है। महामारी काल में भी संस्थान के विद्यार्थियों ने यूपीएससी सिविल सेवा, बिहार पीसीएस, यूपी पीसीएस, न्यायिक सेवा, एसएससी-सीजीएल परीक्षा, जम्मू और कश्मीर पीसीएस, उत्तराखंड पीसीएस और संयुक्त राज्य इंजीनियरिग सेवा परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है।

Edited By: Jagran