अलीगढ़, जागरण संवाददाता। उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में मडराक थाना क्षेत्र के गांव मनोहरपुर कायस्थ में पशुओं को ले जाने के दौरान युवक को गोली मारने वाले बदमाशों की तलाश में पुलिस दो माह बाद भी खाली हाथ है। पुलिस को कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है, जिससे उस पर काम किया जा सके। पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ करके हाथ-पैर जरूर मारे। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली।

यह है मामला

मडराक थाना क्षेत्र के गांव मनोहरपुर कायस्थ निवासी 35 वर्षीय कुमरपाल के परिवार में पत्नी व मां लौंगश्री हैं। भाई व पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। कुमरपाल बकरा-बकरी पालकर परिवार का पालन पोषण करते है। तीन अक्टूबर की देररात रोज की तरह कुमरपाल बाहर चबूतरे के पास बंधे पशुओं के पास चारपाई पर सो रहे थे। देररात करीब पौने दो बजे चार कच्छा-बनियानधारी बदमाश आए। पांच बकरा व पांच बकरियों को खोल लिया, तभी कुमरपाल की आंख खुल गई। उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने एक हवाई फायर किया और कुमरपाल की कनपटी पर तमंचा रखकर पशुओं के साथ उसे भी करीब दो सौ मीटर तक ले गए। मौका पाते ही कुमरपाल ने शोर मचाया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक गोली कुमरपाल के पेट में जा लगी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। इसे देख बदमाश बाजरे के खेत में घुस गए। यहां एक बकरे को छोड़कर फरार हो गए।

नहीं मिला बदमाशों का सुराग

युवक को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत अब ठीक है। ग्रामीणों के मुताबिक, बदमाश कच्छा-बनियान धारी गिरोह से जुड़े थे। घटना के बाद से लोग दहशत में हैं। मडराक थाना के इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया था। बदमाशों की तलाश में सीसीटीवी खंगाले गए। कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई थी। लेकिन, कोई सुराग नहीं मिला है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena