अलीगढ़, जेएनएन।  देवसैनी के गोकुलेशपुरम में सीएम का दौरा दो मिनट का ही रहा। लेकिन, इसके लिए जनता को करीब दो घंटे परेशान होना पड़ा। दो मिनट के दौरे की खातिर पुलिस प्रशासन ने 55 मिनट पर क्वार्सी चौराहे पर यातायात को रोक दिया। यहां एबुलेंस तक फंसी रही। इसी तरह रामघाट पर देवसैनी को मुडऩे वाले रास्ते व नाले पर भी करीब दो घंटे वाहनों का आवागमन रोक दिया। हालात ये थे कि मरीजों की हालत बिगडऩे लगी और उन्हें पैदल ही बाहर निकालना पड़ा। 

दो घंटे बाद खोला यातायात

मुख्यमंत्री सबसे अधिक समय एएमयू में रहे। मुख्यमंत्री का काफिला एएमयू कैंपस से निकलकर लाल डिग्गी, अब्दुल्ला तिराहा, किशनपुर से होकर रामघाट रोड पहुंचा। यहां से देवसैनी गया। इसी तरह वापसी रही। सीएम करीब डेढ़ बजे एएमयू से निकले थे। लेकिन, करीब 12 बजे देवसैनी को मुडऩे वाले रास्ते पर तालानगरी से आने वाले वाहन रोक दिए गए। इसी तरह ओजोन सिटी को जाने वाले रास्ते पर बनी पुलिया से भी वाहनों का आवागमन बाधित कर दिया। वहीं पौने एक बजे क्वार्सी चौराहे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। एटा चुंगी, कमिश्नरी समेत चारों ओर से रास्ते रोक देने के चलते वाहनों की कतारें लगना शुरू हो गईं। शहर की ओर से अतरौली जाने वाले वाहनों को डायवर्ट कर बाईपास के लिए निकाला गया। इस बीच जाम और धूप में तिलमिलाए लोगों की कई बार पुलिस से नोकझोंक की। थाना क्वार्सी के इंस्पेक्टर छोटे लाल से खुद को ए ग्रेड का अफसर बताने वाल राहगीर भिड़ गया। लेकिन, जैसे तैसे पुलिस ने लोगों को शांत किया। करीब दो बजे मुख्यमंत्री के जाने के बाद यातायात खोला गया। इसे सुचारू करने मेें भी पुलिस को करीब आधा घंटा लग गया।  

कोरोना की गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां 

जाम में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाइकें एक के बाद एक सटी हुईं थीं। धूप में लोगों का हाल-बेहाल था। लोगों ने मास्क तो लगा रखे थे। लेकिन, शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ गईं। देखते ही देखते हुए क्वार्सी चौराहे पर ही सैकड़ों की भीड़ जुट गई। लोगों ने पुलिस पर ही अपना गुस्सा निकाला।

मरीजों को निकालकर बाहर बिठाया 

चूंकि पास में ही दीनदयाल अस्पताल है, तो क्वार्सी चौराहे की नाकेबंदी के बीच कई एंबुलेंस व निजी चार पहिया वाहन जाम में फंसे रहे। इनमें मरीजों का हाल बेहाल हो गया। करीब आधा घंटा बाद भी जब वीआइपी का काफिला नहीं निकला तो मरीजों के सब्र का बांध भी टूट गया। गर्मी से बेहाल मरीजों को ज्यादा घबराहट हुई तो तीमारदारों ने पैदल ही मरीजों को वाहनों से बाहर निकालकर रास्ता पार कराया और गली में बिठा दिया। एक-दो मरीजों को वरुण ट्रामा जाना था तो उन्हें पैदल ही वहां पहुंचाया। इस दौरान उनकी बेहद हालत खराब थी। क्वार्सी चौराहे के निकट स्थित निजी अस्पतालों के लिए जैसे तैसे वाहनों का इंतजाम कर मरीज रवाना हुए। 

काफिले में कोई वाहन घुसा तो सस्पेंड होगा

रामघाट रोड पर क्वार्सी इंस्पेक्टर छोटे लाल कमान संभाले हुए थे। उन्होंने कई चक्कर लगाकर सुरक्षा व्यवस्था परखी। पीए सिस्टम से लोगों से सहयोग की अपील की। इसी बीच स्वर्ण जयंती नगर के पास गोविला गैस एजेंसी से कुछ वाहन निकल रहे थे, तभी थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों को चेतावनी भी दी कि फ्लीट में अगर कोई बाहन घुस गया तो सस्पेंड की कार्रवाई होगी।