अलीगढ़, जागरण संवाददाता। पश्चिम उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी हरदुआगंज तापीय परियोजना की तीन यूनिटें मंगलवार की दोपहर बंद कर दी गईं। ऐसा प्रदेश में बिजली की मांग गिरने के चलते किया गया। इसके लिए लखनऊ मुख्यालय से आदेश मिले। इसके बाद लोड डिस्पेच सेंटर (थर्मल बैकिंग ) के तहत तीन यूनिटों को बंद कर दिया गया। 

चारों यूनिटों की बिजली उत्‍पादन क्षमता 1270 मेगावाट

हरदुआगंज तापीय परियोजना की सभी चार यूनिटों की बिजली उत्पादन क्षमता 1270 मेगावाट हैं। सोमवार को चारों यूनिटों से 733 मेगावाट बिजली उत्पादन हुआ था। इसमें 110 मेगावाट की यूनिट नंबर सात से 80 मेगावाट, 250 मेगावाट की यूनिट नंबर आठ से 125 तथा 250 मेगावाट की यूनिट नंबर नौ से 138 और 660 मेगावाट की यूनिट नंबर 10 से 390 मेगावाट बिजली उत्पादन किया गया। चारों यूनिटों को कम लोड चलाया गया था। इसका कारण बिजली की कम मांग होना बताया जा रहा था।

उच्‍चाधिकारियों के निर्देश पर बंद की गयीं तीन इकाइयां

मंगलवार की सुबह से भी चारों यूनिटें कम लोड पर चल रही थीं। लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोपहर दो बजे यूनिट नंबर सात, आठ व नौ को बंद कर दिया गया। अब केवल यूनिट नंबर 10 से उत्पादन लिया जा रहा है। इसे भी कम लोड पर चलाया जा रहा है। शाम तक इस यूनिट से 383 मेगावाट बिजली उत्पादन था। इस सबंध में परियोजना के महाप्रबंधक मनधीर सिंह ने बताया लखनऊ मुख्यालय के आदेश पर बिजली की मांग गिरने के चलते तीन इकाइयों को अनिश्चित कालीन के लिए बंद कर दिया गया है ।

Edited By: Anil Kushwaha