अलीगढ़ (जेएनएन)। इगलास विधानसभा के उपचुनाव से रालोद समेत तीन प्रत्याशी चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। मंगलवार को जांच के दौरान कमी मिलने पर निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम इगलास ने इनके नामांकन पत्रों को खारिज करने की घोषणा कर दी। अब महज सात प्रत्याशी चुनावी दौड़ में रह गए हैं। तीन अक्टूबर को नाम वापसी है।

21 को होना है मतदान

इगलास विधानसभा में उपचुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है। मतगणना दिवाली से तीन दिन पहले 24 की है। 23 सितंबर से नामांकन की शुरुआत हो गई थी। सोमवार को यह प्रक्रिया खत्म हो गई। भाजपा, बसपा, रालोद व कांग्रेस समेत कुल 10 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। अंतिम दिन सबसे अधिक सात नामांकन हुए। इसमें भाजपा के राजकुमार सहयोगी व रालोद प्रत्याशी सुमन दिवाकर भी शामिल थीं। सुमन  ने नामांकन के दौरान अपना ए व बी फॉर्म जमा नहीं किया था। इसके अलावा निर्दलीय के तौर पर 10 प्रस्तावक होने की शर्त भी पूरी नहीं हो रही थी। महज एक प्रस्तावक के हस्ताक्षर थे। ऐसे में पहले से ही इनके नामांकन के खारिज होने की संभावना लगाई जा रही थी। अब मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सुबह 11 बजे से ही नामांकन पत्रों की जांच शुरू कर दी। सभी प्रत्याशियों के नामांकन देखे गए। इसमें रालोद की सुमन दिवाकर, बृज पार्टी के दाऊदयाल व पीस पार्टी के निरंजनलाल के नामांकन पत्रों में कई खामियां मिलीं। ऐसे में इनका पर्चा खारिज कर दिया गया।

सात प्रत्याशी मैदान में

उपचुनाव की दौड़ में महज सात प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। इनमें बसपा के अभय कुमार, कांग्रेस के उमेश कुमार दिवाकर, भाजपा के राजकुमार सहयोगी, स्वतंत्र जनता राज पार्टी के पुष्पेंद्र सिंह, लोकदल के मुकेश कुमार, भारतीय भाईचारा पार्टी के विकास कुमार, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के हरीश कुमार धनगर शामिल हैं।

इस वजह से पर्चे हुए खारिज

प्रत्याशी, कारण

सुमन दिवाकर : ए व बी फॉर्म नहीं, प्रस्तावक क्रमांक के पोलिंग स्टेशन में वोट दर्ज नहीं व शपथ पत्र के कॉलम में खाली विकल्प।

दाऊदयाल : सूचना देने के बाद भी रिटर्निंग ऑफिसर से शपथ नहीं ली।

निरंजनलाल : प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं व ए व बी फॉर्म भी नहीं। 

कल होगी नाम वापसी

गुरुवार को नाम वापसी है। इसमें कोई भी प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकता है। इसी दिन छोटे दलों के प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी आवंटित कर दिए जाएंगे।

पहली बार बड़ा पर्चा निरस्त

मिनी छपरौली नाम से चर्चित इगलास में रालोद को मजबूत दावेदार माना जाता है। इससे रालोद प्रत्याशी पर सभी की निगाहें थीं, लेकिन चुनाव से पहले ही इनका नामांकन खारिज होने से हवाइयां उड़ गई हैं। यह पहला मौका है, जब किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के प्रत्याशी का पर्चा खारिज हुआ है। प्रेक्षक ने भी रालोद की शिकायतों को निराधार बताकर खारिज कर दिया है।

कमियां मिलने पर नामांकन हुए खारिज

रिर्टनिंग ऑफिसर  एवं इगलास की एसडीएम अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि सभी नामांकन पत्रों की जांच की गई। तीन में कमियां मिलने पर खारिज कर दिया गया है। अब सात प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। तीन अक्टूबर को नाम वापसी होगी।

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