अलीगढ़, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश पुलिस उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की तह तक जाने में जुट गई है। गिरोह का मास्टरमाइंड योगेंद्र है, जो फरार है। एसटीएफ को योगेंद्र समेत कुल छह लोगों की तलाश है। इसके लिए जांच एजेंसी ने अलीगढ़ में डेरा जमा लिया है।

एसटीएफ की मेरठ फील्‍ड यूनिट टीम को मिली सफलता

एसटीएफ की मेरठ फील्ड यूनिट की टीम ने शुक्रवार को बन्नादेवी थाना पुलिस के साथ इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने महर्षि इंटर कालेज के पास एक मकान में चल रहे सेंटर को पकड़कर सुरक्षा विहार निवासी दीपक उर्फ जीतू, मोहल्ला गायत्री नगर निवासी राजवीर सिंह व उत्तराखंड के हरिद्वार के थाना भगवानपुर के गांव कोटा मुरादनगर निवासी हिमांशू को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हिमांशू परीक्षा कराने वाली कंपनी का सेंटर हेड भी है। आरोपितों ने कालेज में केबिल डालकर सिस्टम को हैक कर लिया था।

एक लाख का लालच देकर इंटरनेट चलवाने की जिम्‍मेदारी सौंपी

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दीपक को एक लाख रुपये के लालच में इंटरनेट चलवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं राजवीर को रोजाना 20 हजार देने की बात कहकर उसका मकान लिया गया। इसके साथ सेंटर हेड हिमांशू को भी प्रतिदिन एक लाख रुपये देने का आश्वासन दिया था। आरोपितों ने पूछताछ में योगेंद्र समेत छह लोगों के नाम बताए थे। सीओ द्वितीय मोहसिन खान ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड योगेश है। योगेश समेत कुल छह लोगों की तलाश है। इसके लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस की टीमें अलीगढ़ के अलावा आसपास के जिलों में भी दबिश दे रही है। इनमें आगरा, मथुरा, हाथरस आदि जगहों पर पुलिस टीमें भेजी गई हैं। लेकिन, शनिवार देररात तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।

Edited By: Anil Kushwaha