हाथरस (जेएनएन)। बसपा के दिग्गज नेता विधायक रामवीर उपाध्याय को  धमकी भररा पत्र मिला है। इसमें बच्चे के अपहरण की बात लिखते हुए 22 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। इस संबंध में उनके निजी सचिव ने पुलिस को तहरीर दी है।  पूर्व मंत्री के आवास पर बने कार्यालय में 15 मई को स्पीड पोस्ट से एक लिफाफा पहुंचा। शुक्रवार को वह लिफाफा खोला गया तो उसमें  धमकी भरा पत्र था। इसमें परिवार के  किसी बच्चे का अपहरण करने की धमकी देते हुए 22 करोड़ रुपये खाते में डालने की बात लिखी है। पत्र में 13 मोबाइल नंबर लिखे हैं। लिखा है कि उक्त नंबरों पर कॉल कर बोलें 420 नंबर मुनीम। फोन उठाने वाले को रकम दे दें। लिफाफे पर प्रेषक का नाम केके पाठक, हाउस नंबर 1, जामुन वाली गली, सासनी, हाथरस लिखा है। पूर्व मंत्री के निजी सचिव रानू पंडित ने कोतवाली हाथरस गेट में तहरीर दी है। तहरीर के साथ पत्र की छाया-प्रति भी लगाई है। रामवीर उपाध्याय ने कहा है कि मैं इन धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। हमेशा से जनता की सेवा करता रहा हूं और करता रहूंगा। पुलिस ने पहले भी इस तरह के पत्रों के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस को निष्पक्ष और प्रभावी रूप से पत्र भेजने वालों की तलाश करनी चाहिए।

की जा रही है जांच

हाथरस गेट के एसएचओ जितेंद्र कुमार दीखित ने बताया कि पूर्वमंत्री को दी गई धमकी के संबंध में उनके सचिव ने तहरीर दी है। पत्र के हर बिंदु की जांच की जा रही है। जो भी पता अंकित है, उसकी भी पड़ताल चल रही है। फोन नंबरों को भी ट्रेस किया जा रहा है। जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी मिल चुके हैं धमकी  भरे खत, नहीं हुआ पर्दाफाश

पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को पहले भी धमकी भरा पत्र मिला था। वह खत अलीगढ़ के सासनी गेट स्थित खिरनी गेट डाकघर से पोस्ट हुआ था, मगर उस मामले का आज तक पर्दाफाश नहीं हो पाया। अब फिर से मिले पत्र ने सनसनी मचा दी है। इसमें 22 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। बसपा के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री रामवीर को 18 जुलाई 2018 को धमकी भरा पत्र मिला था। उसमें उनके बेटे चिरागवीर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू की तो यह स्पष्ट हुआ कि यह पत्र अलीगढ़ के सासनी गेट क्षेत्र स्थित खिरनी गेट डाकघर से भेजा गया था। पुलिस ने वहां जाकर पड़ताल की लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण पुलिस के हाथ कोई भी सुराग नहीं लग सका और यह मामला यूं ही रह गया। अब फिर से बच्चे के अपहरण की बात कहते हुए 22 करोड़ की डिमांड की गई है।

अभियोग दर्ज, सर्विलांस पर लगाए मोबाइल नंबर

रामवीर उपाध्याय को मिले धमकी भरे पत्र में कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है। इस मामले में उनके निजी सचिव रानू पंडित की ओर से तहरीर दी गई थी। पत्र में जो तेरह मोबाइल नंबर दिए गए हैं पुलिस ने उनको सर्विलांस पर लगवा दिया है। साथ ही पड़ताल की जा रही है कि ये नंबर किसके है।

केके पाठक नाम का कोई व्यक्ति नहीं

 धमकी भरे पत्र में प्रेषक के रूप में केके पाठक निवासी जामुन वाली गली नं. दो सासनी अंकित है। जागरण टीम ने जब वहां पर पड़ताल की तो स्पष्ट हुआ कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उस गली में नहीं रहता है। क्षेत्रीय लोगों ने भी उक्त व्यक्ति के बारे में जानकारी से इन्कार किया है। पुलिस की पड़ताल अभी जारी है।

डाकघर के कैमरे खंगालेगी पुलिस

पुलिस की नजर अब डाकघर के सीसीटीवी कैमरों पर है। क्योंकि प्रथम ²ष्टया जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह पत्र स्थानीय मुख्य डाकघर से 14 मई की दोपहर 2 बजकर 14 मिनट पर स्पीड पोस्ट किया गया है, जो 15 तारीख को डिलीवर हुआ है। मुख्य डाकघर के सीसीटीवी कैमरों के जरिये पत्र को पोस्ट करने वाले की तलाश की जा रही है।

 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Mukesh Chaturvedi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप