अलीगढ़, जागरण संवाददाता । आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला जज डा. बब्बू सारंग ने अधीनस्थों को निर्देश देते हुए कहा कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की महती आवश्यकता है।

जिले की 26 लाख की आबादी ग्रामीण क्षेत्र से है

जिले की 36 लाख आबादी में से 26 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से सम्बन्धित है। जिले में लगभग 1250 ग्राम एवं 867 न्याय पंचायतें हैं। ग्रामों के रूट लेबल तक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियानों को पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधान अहम कड़ी साबित हो सकते हैं, जिसमें विभिन्न विभागों का आपसी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक ग्राम में 08-10 सदस्यीय टीमों के गठन की आवश्यकता है। इससे ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, ग्राम प्रधान, अध्यापक, चिकित्सक, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्री, सफाई कर्मचारी को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एवं कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली निगरानी समितियों को भी विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान को गति देने के लिए सक्रिय किया जाए। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिये कि ब्लाक स्तर पर कार्य प्रारम्भ करें। आगे बढ़कर ग्रामों में आम जनमानस तक पहुंचाएं।

चार-चार ब्‍लाकों की तीन बैठकें की जायं

उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए चार-चार ब्लाकों की तीन बैठकें की जाएं। इसमें संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी, एडीओ पंचायत, सीडीपीओ, एमओआईसी के चिकित्सक एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारी शामिल हों। उन्होंने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार के दृृष्टिगत विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कराते हुए दीवार लेखन के साथ ही पम्पलेट्स का वितरण कर उन्हें चस्पा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह बेहत उपयोगी कार्यक्रम है। गांव स्तर पर विधिक जानकारी की सबसे अधिक आवश्यकता है। बुधवार को विश्राम कक्ष में इसकी तैयारियों को लेकर हुई बैठक में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव महेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर राकेश कुमार पटेल, एसडीएम कोल कुवंर बहादुर सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।

Edited By: Anil Kushwaha