अलीगढ़, जागरण संवाददाता। विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है, कृत्रिम रक्त बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन अभी तक इसका कोई विकल्प नहीं मिला है। रक्त का एकमात्र उपाय रक्तदान ही है। इसलिए रक्तदान को महादान कहा जाता है। यह एक ऐसा दान है जो न सिर्फ अपनों की बल्कि उनका भी जीवन बचाता है जिनसे खून का कोई रिश्ता नहीं होता। इस दान में अब आधी आबादी भी अपनी पूरी भागीदारी निभाने के लिए आगे आ रही है। जहां बीमार व लाचार की सेवा पुण्य का कार्य है इसमें रक्तदान सबसे बढ़कर है।

विशाल रक्‍तदान शिविर का आयोजन

दैनिक जागरण व सहयोग एक सामाजिक पहल संस्था के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को अलीगढ़ मार्ग स्थित ओम सैलीब्रेशन गैस्ट हाउस में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर महादान के इस उत्सव में अपनी आहुति दे सकता है। कार्यक्रम सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक चलेगा। इस दौरान महादानियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

कौन कर सकता है रक्तदान

जेएन मेडिकल कालेज की ब्लड बैंक की सीएमओ डा. स्मृति प्रसाद बताती हैं कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 65 के बीच है, वजन 45 किग्रा. या अधिक हो रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता से 300 से 400 मिली. रक्त लिया जाता है जो शरीर में उपलब्ध रक्त का करीब 15 वां भाग है। रक्तदान के तत्काल बाद शरीर रक्त की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर देता है और 24 घंटे में रक्त की प्रतिपूर्ति हो जाती है। रक्तदान करने से शरीर पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। तीन माह के अंतराल पर पुन: रक्तदान किया जा सकता है।

रक्तदान के फायदे

रक्तदान करने से रक्तदाता को कई लाभ होते हैं। जिसमें आपके रक्त से किसी का जीवन बचने पर आत्मसंतोष होता है। रक्तदान से शरीर में कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हृदय रोग की संभावना कम रहती है। रक्तदाता को आवश्यकता पड़ने पर ब्लड बैंक से रक्त लेने में प्राथमिकता दी जाती है। दान किया गया रक्त दुर्घटना के शिकार लोगों, कैंसर, थैलिसीमिया, गर्भवती महिलाओं, खून की कमी या एनीमिया के मरीजों के लिए काम आता है।

Edited By: Anil Kushwaha