जासं, अलीगढ़ : खाद्य तेलों की धार तेज होने के बाद दाल भी भाव खाने लगी हैं। थोक बाजार में दालें दो से तीन फीसद तक महंगी हुई हैं। फुटकर बाजार में भी इन चढ़ी कीमतों का असर देखने को मिल रहा है। सबसे अधिक मांग वालों दालों में शामिल अरहर 120 रुपये प्रतिकिलो है, जबकि जुलाई में 110 रुपये प्रतिकिलो भाव था। इसी तरह मूंग की धोवा 100-110 रुपये प्रतिकिलो है, जबकि पिछले माह 90-100 रुपये प्रतिकिलो थी। इन सहित सभी दालों के रेट बढ़ने का कारण महावीरगंज खाद्यान्न व्यापार मंडल के महामंत्री विशाल भगत बाजार में स्टाक कम होना मान रहे हैं। ऐसा स्टाक लिमिट तय किए जाने से हुआ है। आयातित मटर के फुटकर बाजार में दाम 90 रुपये प्रतिकिलो है। जबकि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में इसका भाव 85 रुपये प्रतिकिलो था। डालर चना के भी भाव बढ़े हैं। इसका कारण कनाडा में सूखा पड़ना है।

दाल की कीमतों पर नजर

दाल, जुलाई, अगस्त

अरहर, 8500 से 9300, 8800 से 9600

उड़द काली, 7500 से 8700, 7800 से 9000

उड़द धोबा, 8700 से 9700, 9000 से 10,000

मूंग, 6700 से 7700, 7000 से 8000

मसूर साबुत, 6800 से 7200, 7100 से 7500

मसूर दाल, 7700 से 8500, 8000 से 8800

चना दाल, 5600 से 5800, 5800 से 6000

डालर चना, 8730 से 9200, 9000 से 9500

मटर, 6300 से 6700, 6500 से 7000

(महावीर गंज दाल मंडी से लिया गया दालों का भाव रुपये प्रति कुंतल में हैं। )

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इनका कहना है

महंगाई सिरसा की तरह मूंह फाड़ती जा रही है। दाल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। अरहर की दाल पिछले महीने फुटकर बाजार में 110 रुपये किलो थी। अब 120 रुपये प्रतिकिलो है।

- मीरा वाष्र्णेय, महेंद्र नगर कोरोना संकट के चलते बजट पहले से बिगड़ा हुआ था। अब महंगाई ने भी सारा बजट बिगाड़ दिया है। दाल फिर से भाव खाने लगी है। उड़द धोबा की दाल 10 रुपये प्रतिकिलो तेज मिली है। पिछले महीने यह 120 थी।

अंजली अग्रवाल, स्वर्ण जयंती नगर

रसोई गैस के बाद अब राशन भी महंगा हो रहा है। दाल के रेट बढ़ रहे हैं। हैरानी वाली बात है कि अरहर जैसी अच्छी वैरायटी की दाल के रेट में 10 से 15 रुपये प्रतिकिलो का अंतर है। प्रशासन बाजार में ओवर रेटिंग को रोके।

- परी पंडित, नौरंगाबाद, छाबनी

जून के दूसरे पखवाड़े में दाल के भाव कम हुए थे। जुलाई में डालर चना का भाव 100 रुपये प्रति किलो था। अब 120 रुपये प्रतिकिलो है। इसी तरह अन्य दाल पर पाच से 10 रुपये प्रतिकिलो तक बढ़े हैं।

- कविता गौड़, पला रोड

Edited By: Jagran