हाथरस, जागरण संवाददाता। भीषण गर्मी से अभी निजात मिलती नहीं दिख रही है। दो दिन मिली राहत के बाद गर्मी का सितम फिर शुरू हो गया है। दोपहर में तो गर्म हवाओं की लपटों के चलते रास्तों पर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं घरों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। चिकित्सालयों में डायरिया व वायरल के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो मानसून के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

बारिश के दूर दूर तक नहीं दिख रहे आसार

जून की गर्मी ने पसीना निकाल रखा है। बारिश के दूर-दूर तक भी कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इस बार गर्मी का मौसम मार्च में ही शुरू हो गया था। अप्रैल में गर्मी ने मई जून का एहसास लोगों को करा दिया था। वहीं अब जून की गर्मी के तेवर झेलना भी मुश्किल हो रहा है। हल्की बारिश होने से दो दिन राहत मिली थी। फिर से गर्मी लोगों का हाल-बेहाल कर रही है। भीषण गर्मी के चलते सड़कों पर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। सोमवार को बादलों के छाए रहने से धूप-छांव भरा मौसम रहा। गला शीतल करने को प्याऊ पर भीड़ लग रही है। इससे जनमानस ही नहीं पशु-पक्षी भी परेशान हैं।

न्यूनतम तापमान चढऩे से बढ़ रही उमसभरी गर्मी

मौसम में लगातार परिवर्तन देखा जा रहा है। अब मौसम में उमसभरी गर्मी परेशान कर रही है। इस गर्मी में पंखा व कूलर भी काम नहीं कर रहे हैं। हवा में बैठने के बाद भी पसीना कम नहीं हो रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिकतम तापमान में गिरावट हो रही है। 45 से यह 39 अंक तक पहुंच गया है। न्यूनतम कम नहीं होने से ही उमसभरी गर्मी बढ़ रही है। इससे जनमानस सहित सभी परेशान हैं।

चिकित्सालयों में बढ़ रहे डायरिया व वायरल के मरीज

भीषण गर्मी ने बुरा हाल कर रखा है। इसके चलते उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। म'छरों की संख्या बढ़ जाने से मलेरिया भी पैर पसारने लगा है। वायरल के रोगी भी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 14 सौ से 15 सौ तक रोगियों की संख्या पहुंच गई है। ओपीडी से लेकर चिकित्सकों के केबिन व जांच के लिए प्रयोगशालाओं के आगे लंबी कतार लग रही हैं।

शाम को गुलजार हो रहे बाजार

सुबह खुलते ही लोगों द्वारा खरीदारी शुरू कर दी जाती थी। भीषण गर्मी से बाजारों में ग्राहक बहुत कम दिखते हैं। दोपहर के समय तो बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है। सड़कें भी खाली दिखती हैं। सूर्य के ढलने के साथ बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ जाती है। शहर के लोग तो शाम के समय ही बाजारों में निकलते हैं। रात में 11 बजे तक बाजार में खानपान की दुकानें गुलजार हो रही हैं।

खेतों में सूख रहीं फसलें

भीषण गर्मी ने आमजन ही पशु-पक्षी भी परेशान हैं। वह भी नहर, रजबहा, सरोवर व अन्य जल स्त्रोतों के सहारे अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। सबसे अधिक दिक्कतें किसानों को झेलनी पड़ रही हैं। तपती धूप के चलते खेतों में काम भी नहीं कर पा रहे हैं। ङ्क्षसचाई करते ही वह दूसरे दिन सूख जाती है। धान की फसल के लिए तैयार की गई नर्सरी भी सूख रही हैं। बारिश के लिए किसान आसमान की ओर ताक रहे हैं।

पांच दिन का संभावित तापमान डिग्री सेल्सियस इस प्रकार रहेगा-

दिन, अधिकतम-न्यूनतम तापमान

मंगल, 36-30

बुध, 33-29

गुरु, 31- 28

शुक्र, 32- 29

शनि, 34- 30

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इनका कहना है

भीषण गर्मी से सबसे अधिक असर फसलों पर पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप में खेतों में कोई काम भी नहीं हो पा रहा है। इससे काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

- कृष्ण कुमार, किसान

खेतों में खड़ी फसलों की बार-बार ङ्क्षसचाई करनी पड़ रही है। सब्जियों की फसलों में गर्मी के चलते फूल झडऩे से पैदावार घट रही है। अब तो सिर्फ बारिश का ही सहारा रह गया है।

- प्रमोद कुमार किसान

Edited By: Anil Kushwaha