अलीगढ़, जेएनएन।  जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर घट रही है। इससे तमाम कोविड अस्पताल में या तो मरीज नहीं है या नाममात्र के ही मरीज हैं। सबसे ज्यादा मरीज दीनदयाल कोविड अस्पताल में हैं। मेडिकल कालेज समेत अन्य अस्पतालों (कुल 15) में कुल-पांच छह मरीज ही रह गए हैं। ऐसे में सभी निजी कोविड केयर सेंटरों के जल्द बंद हो जाने की आशंका हैं। केवल दीनदयाल अस्पताल में ही कोविड मरीज भर्ती किए जाएंगे। हालांकि, तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी अस्पताल संचालकों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। उन्हें तैयारी भी इसी तरह रखनी होगीं, जो आकस्मिक स्थिति में मरीजों को उपचार दे सकें।

जिले की स्थिति

जिले में इस समय कोरोना संक्रमित मात्र 84 मरीज ही सक्रिय रह गए हैं। इनमें 25 मरीजों को कोविड केयर सेंटरों में इलाज चल रहा है। दीनदयाल अस्पताल में 21, मेडिकल कालेज में दो, जीवन ज्योति हास्पिटल व वरुण हास्पिटल में एक-एक मरीज भर्ती हैं। कोई मरीज वेंटीलेटर पर नहीं है । आक्सीजन पर भी केवल 19 मरीज हैं। वहीं, 37 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। अन्य का जनपद से बाहर इलाज हो रहा है। अब तक 21 हजार 39 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, वहीं 21 हजार 231 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। सप्ताहभर से किसी मरीज की मृत्यु की सूचना भी नहीं आई है।

12 अस्पतालों में कोई मरीज नहीं

जिले के 12 कोविड केयर सेंटरों में कोई मरीज नहीं। तीन कोविड केयर सेंटरों में मात्र चार मरीज है। इस तरह केवल दीनदयाल अस्पताल में ही ज्यादातर मरीज भर्ती है। दीनदयाल अस्पताल की क्षमता ही 364 बेड की है। यहां तमाम बेड खाली पड़े हुए हैं। आइसीयू भी खाली हो गए हैं। इससे साफ है कि वर्तमान में निजी कोविड केयर सेंटरों की ज्यादा जरूरत नहीं। 

कोविड मरीजों को लौटा रहे संचालक

कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या घटने से कोविड केयर संचालकों में मरीज नहीं पहुंच रहे। ऐसे में ज्यादातर निजी कोविड अस्पतालों के संचालकों ने अपने यहां संक्रमित मरीजों को लेना ही बंद कर दिया है। क्योंकि, इससे अन्य मरीजों की संख्या पर असर पड़ता है। लिहाजा, अब दूसरे गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाना लगा है। ऐसे में मेडिकल कालेज व दीनदयाल अस्पताल को छोड़कर सभी निजी अस्पतालों में कोविड सेवाएं स्थगित की जा सकती हैं। वहीं, संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा खतरा है। इसके लिए कुछ अस्पतालों को पीडियाट्रिक आइसीयू की सुविधा के लिए तैयार रहने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं।

Edited By: Anil Kushwaha