जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : शहर के बारहद्वारी चौराहे पर नगर निगम के महत्वाकांक्षी शापिग कांप्लेक्स प्रोजेक्ट को शासन ने ठुकरा दिया। अलीगढ़ का ये पहला आधुनिक सरकारी कामर्शियल प्रोजेक्ट था। 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रोजेक्ट की नींव जनवरी 2020 में तत्कालीन नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल ने तत्कालीन कमिश्नर अजयदीप सिंह, मेयर मोहम्मद फुरकान, शहर विधायक संजीव राजा के साथ भूमि पूजन कर रखी थी। इसी साल आठ मार्च को नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। सीओ द्वितीय के कार्यालय व यहां बने कर्मचारियों के आवासों को शिफ्ट करने की योजना भी तैयार हो गई। अचानक शासन ने इस प्रोजेक्ट को रद करने के आदेश जारी कर दिए।

बारहद्वारी स्थित नगर निगम के पुराने कार्यालय में शापिग कांप्लेक्स का निर्माण होना था। प्रस्तावित माडल तैयार कर राजकीय निर्माण निगम को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। यहां लगे वर्षों पुराने बरगद के पेड़ को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाना था। यहां शापिग कांप्लेक्स के साथ होटल-रेस्टोरेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बैठने व घूमने की व्यवस्था की योजना थी। अफसरों का कहना था कि इसे एक माडल के रूप में पेश किया जाएगा, जो व्यापार का मुख्य केंद्र होगा। पुराने शहर के लोगों को अच्छी सुविधा मिलेगी। कांप्लेक्स सौर ऊर्जा से लैस होगा। मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन खड़े होंगे। शापिग कांपलेक्स के लिए स्थान का चयन भी सोच समझ कर किया गया था। शहर के बीचोबीच कांप्लेक्स के लिए पर्याप्त जगह थी, जो बाजारों से घिरी हुई थी। यहां फ्लैट बनाने की योजना भी निगम अधिकारियों ने बनाई थी। बीते साल को बजट का अभाव बताकर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था। अब निर्माण कार्य शुरू हुआ भी तो शासन ने अड़ंगा लगा दिया। शुक्रवार को नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे भाजपा नेताओं को जब ये जानकारी हुई तो वे भी हैरान रह गए। हालांकि, नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि शासन इस पर पुन: विचार करेगा।

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यह सही है कि बारहद्वारी पर शापिग कांप्लेक्स का प्रोजेक्ट शासन ने रद कर दिया है। पिछले साल ही यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। मार्च में काम भी शुरू करा दिया। बाद में शासन के निर्देश मिलने पर काम बंद कर दिया।

प्रेम रंजन सिंह, नगर आयुक्त

Edited By: Jagran