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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लॉकडाउन में बना दी फिल्म 'कोरोनासुर`, 17 कलाकारों ने घर में रहकर ही की शूटिंग

By Mukesh ChaturvediEdited By:
Published: Mon, 20 Apr 2020 08:20 AM (IST)Updated: Mon, 20 Apr 2020 07:00 PM (IST)

कोरोना बाहर बुलाता है। खाली सड़कों पर घूमने को कहता है। इस द्वंद्व में परेशान दोनों मित्रों को जिंदगी प्यारी लगी और सड़क पर न जाने का निर्ण

लॉकडाउन में बना दी फिल्म 'कोरोनासुर`, 17 कलाकारों ने घर में रहकर ही की शूटिंग
लॉकडाउन में बना दी फिल्म 'कोरोनासुर`, 17 कलाकारों ने घर में रहकर ही की शूटिंग

पारुल रावत, अलीगढ़ : लॉकडाउन में प्रतिभा के नए आयाम सामने आ रहे हैैं। अलीगढ़ के एक प्रतिभाशाली कलाकार ने कोरोना को लेकर लॉकडाउन में ही 20 मिनट की फिल्म 'कोरोनासुरÓ बना दी। फिल्म में बाहरी कलाकारों ने काम किया है। फिल्म की खासियत यह कि शूटिंग कलाकारों ने स्वयं मोबाइल से करके भेजी।

फिल्म के निर्माता अलीगढ़ की संजय गांधी कॉलोनी निवासी सलिल सिंह हैैं। उनका बचपन से ही फिल्मों की ओर झुकाव रहा है। कोरोना संकट में लॉकडाउन की घोषणा हुई तो उनके कई दोस्त बाहर फंस गए। उनके कुछ नए तरह के अनुभव थे, जो पहले कभी नहीं सुने थे। वहीं उन्होंने देखा कि कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक दूरी सबसे अहम है, लेकिन लोग जानते हुए भी नियमों का पालन नहीं कर रहे। ऐसे में उन्होंने स्क्रिप्ट  लिखनी शुरू की। इसमें मुंबई के स्क्रिप्ट राइटर तनुज व्यास से सहयोग लिया।

एेसे बनी फिल्म 

पहली चुनौती तीन-चार दिन में पूरी हो गई। इसके बाद कई शहरों के कलाकारों से संपर्क किया, जिनसे वह पहले से ही परिचित थे। मुंबई, गुरुग्राम, बरेली और पंजाब के 17 कलाकारों के तैयार होने पर मुश्किल यह थी कि अब शूटिंग कैसे हो। सलिल ने सभी को स्क्रिप्ट के अनुसार फोन पर ही सीन समझाए। कई बार समझाने पर सभी ने अपने घर में रहकर ही चार दिन में शूट कर दिया।  मुख्य भूमिका में सलिल सिंह  व क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया, इश्कबाज, अलादीन जैसे चर्चित सीरियलों में काम कर चुके मुंबई के अनुभव दीक्षित हैं। अन्य कलाकारों में मुंबई की कौशिकी, सत्यकेती, हरेश, रजिया, दिल्ली की रूखसार, अर्ष, पूजा, गोविंद, पंजाब के हरीश, गुडग़ांव की सूमी, बरेली के डॉ. वैभव, प्रसिद्ध कत्थक कलाकार बिरजू महाराज के नाती नोएडा निवासी त्रिभुवन और उनकी पत्नी रजनी हैं। टीवी सीरियलों से जुड़े इन कलाकारों ने मोबाइल से बनाई गई वीडियो सलिल को भेजी। इनको जोड़कर फिल्म एडीटिंग की। सहायक के तौर पर अलीगढ़ के हर्ष, हिमांशु ने अभिनय किया है।  

 दादा साहेब फाल्के फिल्म समारोह में शामिल

13 अप्रैल को यूट्यूब और फेसबुक पेज पर फिल्म रिलीज की गई। अब तक डेढ़ हजार लोग इसे देख और पसंद कर  चुके हैं। बरेली के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. वैभव ने डॉक्टर का किरदार निभाया, लोगों को घर में सुरक्षित रहने का संदेश दिया। इससे पहले सलिल शार्ट फिल्म चाय की दुकान, जूही और जमाल, 23 मार्च भगत सिंह बना चुके हैं, जो काफी चर्चित रहीं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाई अभियान को प्रेरित करने वाली 'जूही और जमालÓ शार्ट फिल्म को दादा साहेब फाल्के फिल्म समारोह 2020 के लिए शामिल किया जा चुका है।

 खर्च अधिक नहीं, पर कमाई के रुपयों से बनेगी अगली फिल्म

कोरोनासुर बनाने पर अधिक खर्च नहीं हुआ। सलिल ने बताया कि लोगों को जागरूक करने वाली इस फिल्म के लिए किसी कलाकार ने पैसे नहीं लिए हैं। एडिटिंग खुद की। इससे होने वाली आय से किसी सामाजिक मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने वाली ही फिल्म बनाई जाएगी।

बाहर नहीं बुला सका कोरोना का लालच 

इस फिल्म में दो दोस्त लॉकआउट में अपने-अपने घर से बाहर निकलने की सोचते। लेकिन, उनके परिचित लोग वीडियो व मैसेज से उन्हें बाहर का हाल बताते हैं। बताते हैं कि बीमारी खतरनाक है, जबकि कोरोना सड़क पर खड़ा शहर की सुंदरता का लालच देकर बाहर बुलाता है। खाली सड़कों पर घूमने को कहता है। इस द्वंद्व में परेशान दोनों मित्रों को जिंदगी प्यारी लगी और सड़क पर न जाने का निर्णय लिया। इसमें भूमिका निभाने वाली प्रसिद्ध कत्थक कलाकार बिरजू महाराज की पुत्रवधु रजनी श्रीराम भारती कला केंद्र से जुड़ी हैं। वे शार्ट फिल्म कोरोनासुर में काम करने को एक नया अनुभव मानती हैं। उनके पति त्रिभुवन का मानना है कि हर हालत में कुछ नया कर अपनी प्रतिभा दिखाना ही असली कला है। शक्ति, गठबंधन और सावधान इंडिया में काम कर चुकी सूमी का कहना है कि इस फिल्म ने कलाकारों को नई सोच दी है।