अलीगढ़, जागरण संवाददाता । अकराबाद  थाना क्षेत्र के गांव शाहगढ़ में बुधवार की रात एक युवक को रंजिशन गोली मार दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को घायल अवस्था में उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा है।

कभी एक साथ ईंंट भट्ठे पर काम करते थे आरोपित व पीड़ित 

पुलिस के अनुसार गांव शाहगढ निवासी कमलेश पुत्र राजवीर सिंह व जितेन्द्र पुत्र मुर्लीसिंह एक ही परिवार से है।दोनों गांव के निकट एक ईंट भट्ठे पर नौकरी करते है। बीते दिनों दोनों में मामूली झगड़ा हो गया था। बाद में परिवार के लोगों ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था। इसके कुछ दिन बाद कमलेश की भट्ठे से नौकरी छूट गई और इसने आग में घी का काम किया। बुधवार की रात समय करीब 9.00 बजे गांव में जितेन्द्र के गोली मार दी। गोली उसके कंधे में लगी है। गांव में गोली चलने की सूचना पर कौड़ियागंज पुलिस चौकी प्रभारी शिवनंदन सिंह आनंद फोर्स के साथ गांव पहुंच गये और घायल जितेन्द्र को सीएचसी अकराबाद भेजा। जहां से डाक्टरों ने उसे  जेएन मैडिकल कालेज अलीगढ़ रेफर कर दिया। घायल जितेन्द्र का मेडिकल की इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार घटना की अभी तहरीर नहीं मिली है।

लापरवाही पर एडीपीआरओ मो. राशिद सस्पेंड

अलीगढ़ । सरकारी कार्यों में लापरवाही करने पर अपर जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) मो. राशिद को सस्पेंड कर दिया गया हैं। बुधवार को निदेशालय स्तर से यह आदेश जारी हुआ है। डीपीआरओ को अलीगढ़ मंडल स्तर के उप निदेशालय कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, आरोप पत्र जारी कर जवाब भी मांगा गया है।मो राशिद विकास भवन स्थित जिला पंचायती राज विभाग के कार्यालय में एडीपीआरओ के पद पर तैनात हैं। पिछले दिनों पंचायती राज विभाग के तत्कालीन उपनिदेशक एसके सिंह ने इनके खिलाफ शासन में एक रिपोर्ट भेजी थी। इसमें इन पर पंचायत भवन निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, समूहों को सामुदायिक शौचालय की धनराशि का हस्तांतरण, व्यक्तिगत शौचालयों समेत अन्य कार्यों की समीक्षा में लापरवाही करने का आरोप था। इसके साथ ही डीपीआरओ कार्यालय में भी समय से उपस्थित न रहने की बात कही थी। ऐसे में अब शासन स्तर से इन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही निलंबन काल में इन्हें उपनिदेशक कार्यालय में संबद्ध किया गया हैं। वहीं, आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से ही एडीपीआरओ को निलंबित किया गया है।

Edited By: Anil Kushwaha