अलीगढ़, जेएनएन।  शहर में जगह-जगह सार्वजनिक शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन इनके रखरखाव की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। कई शौचालय बदहाल हैं। कुछ तो ऐसे हैं, जिनके निर्माण के बाद लगाए गए ताले खुले ही नहीं। फिर इन सार्वजनिक शौचालयों को बनाने का क्या औचित्य। अधिकारी भी कभी कभार ही इनकी दशा देखने निलकते हैं। तब संबंधित विभाग को कार्रवाई की हिदायत दी जाती है। लेकिन, इस हिदायत से कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा। शौचालयों की हालत बिगड़ी तो बिगड़ती चली जाती है। साफ-सफाई तो कभी होती नहीं, किसी में पानी मिल जाए तो गनीमत है।

अधिकारियों ने 24 घंटे का दिया था अल्‍टीमेटम 

शहर में रामघाट रोड, बस स्टैंड, गांधी पार्क, कठपुला, जीटी रोड समेत अन्य क्षेत्रों में भी सार्वजनि शौचालय बनाए गए हैं। कुछ समय पूर्व सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण कर नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त को नोडल अधिकारी नामित कर 24 घंटे में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे। नगर आयुक्त ने तब कहा था कि शहरों की सफाई व्यवस्था वहां के सार्वजनिक शौचालयों की दशा देखकर पता चलती है। शौचालय सफाई व्यवस्था का आइना होते हैं। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छता पर फीडबैक लिया जाए, खासकर महिलाओं से। नगर आयुक्त के इन आदेशों पर अधीनस्थ अधिकारियों ने अमल नहीं किया।

सार्वजनिक शौचालय पर ताला

कांग्रेस नेता आगा यूनुस ने बताया कि छह माह पूर्व केला नगर चौराहे से करीब 200 मीटर दूर मैरिस रोड पर सड़क किनारे सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ था। तभी से यहां ताला पड़ा हुआ है। लोगों को काफी परेशानी होती है। अन्य स्थानों में बने शौचालय बदहाल हालत में हैं। लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इन शौचालयों से क्या लाभ हो रहा है, यह अधिकारियों काे बताना होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिन में सार्वजनिक शौचालयों में सफाई और पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो नगर निगम में धरना दिया जाएगा।

Edited By: Anil Kushwaha