अलीगढ़ : वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार हुए हादसे ने कई परिवारों को ऐसी चोट पहुंचाई है जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। उनमें खैर के बाजिदपुर निवासी भवानी शंकर शर्मा का परिवार भी है।

हादसे में मारे गए भवानी के घर कोहराम मचा है। भवानी की पत्नी अर्चना का बुरा हाल है। परिजनों ने उसे बुधवार रात दस बजे तक हादसे की खबर नहीं दी थी। वो तो सामान्य दिनों की तरह पति का हाल मोबाइल से जानने कोशिश में जुटी थी। फोन न मिलने पर पति को उसने वाट्सएप भी किया। पति के न रहने की खबर उसे गांव के लोगों के बने दूसरे ग्रुप से हुई। गुरुवार को सुबह गांव में पति का शव पहुंचा तो लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के हर आदमी के आंखों में आंसू थे।

बाजिदपुर निवासी भवानी शंकर शर्मा बीएसएफ में थे, उनकी तैनाती वाराणसी छावनी में थी। हादसे के वक्त वह मिनी बस से बनारस कैंट लौट रहे था। परिजनों को इसकी खबर मंगलवार को ही मिल गई थी, लेकिन परिजनों ने पत्नी अर्चना को यह जानकारी नहीं दी। परिवार के लोग शव आने का इंतजार कर रहे थे। गुरुवार सुबह 8:30 बजे सेना के जवान शव को लेकर गांव पहुंचे। गांव के बाहर ही स्कूल के पास सैनिक सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के तीन अफसर वाराणसी कैंट से आए थे जबकि 18 जवान गाजियाबाद से। भवानी के शव को तिरंगा में लपेटकर सभी ने सलामी दी। छोटे भाई हरि शंकर शर्मा ने मुखाग्नि दी। भवानी के दो बेटे हैं। इनमें अस्मित चार व कृष्णा एक साल का है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप