अलीगढ़ (जेएनयू)।  कश्मीरी आतंकी मन्नान वानी के समर्थन में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में देश विरोधी और आजादी लेने के नारे एएमयू सुरक्षा कर्मियों के सामने ही लगते रहे और वो मूकदर्शक बने रहे। आखिरकार ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जिसकी वजह से वह शांत बैठे रहे।
गुरुवार की घटना का 13 सेकेंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें कश्मीरी छात्रों की असलियत सामने आ गई है। इसमें वानी को ' दोस्त ' बताते हुए करीब डेढ़ सौ छात्रों ने ' ले के रहेंगे आजादी ' के नारे लगा रहे हैैं।  प्रॉक्टोरियल टीम इन छात्रों की पूरी तकरीर को भी चुपचाप सुनती रही। ये हरकत में तब आए, जब जनाजे-नमाजा के लिए छात्र खड़े हो गए। इसके बाद धक्का-मुक्की हुई और छात्रों को खदेड़ा गया।

कश्मीरी छात्रों ने चला दांव
राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होते ही शनिवार को कश्मीरी छात्रों ने माफी-दांव फेंका। 50-60 कश्मीरी छात्रों ने प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान से मिले और माफी मांगी। निर्दोष छात्रों को न फंसाने की अपील भी की। कहा, कुछ को कारण बताओ नोटिस गलत जारी हो गए हैैं। उधर, पुलिस ने देश-विरोधी नारेबाजी करने वाले छात्रों की तलाश तेज कर दी है।

नमाज-ए-जनाजा पढऩे की कोशिश की थी कोशिश
मन्नान वानी एएमयू का रिसर्च स्कॉलर था। दो जनवरी को एएमयू के हबीब हॉल से वह गायब हुआ तो सात जनवरी को एके-47 राइफल के साथ तस्वीर वायरल हुई। गुरुवार को जब सेना ने कश्मीर में साथी आतंकी के साथ वानी को भी मार गिराया तो करीब डेढ़ सौ कश्मीरी छात्रों ने कैंपस के केनेडी हॉल के लॉन में न सिर्फ आतंकी के लिए नमाज-ए-जनाजा पढऩे की कोशिश की, बल्कि देश-विरोधी नारे भी लगाए। इनकी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने पहुंचे प्रॉक्टर व उनकी टीम से भी धक्का-मुक्की की। गार्डों ने खदेड़ा। भागते हुए एक मीडिया कर्मी की पिटाई की। मोबाइल फोन भी छीन लिए। सिविल लाइंस थाने के सब इंस्पेक्टर इसरार अहमद ने शोधार्थी वसीम अयूब मलिक  पुत्र मुहम्मद अयूब मलिक निवासी जिला शोपिया (जम्मू कश्मीर) व अब्दुल हसीद मीर पुत्र मुहम्मद रजब मीर निवासी कुलगाम (जम्मू कश्मीर) समेत अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रदोह आदि आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनके साथ इंतजामिया ने सात अन्य छात्रों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन्हें सोमवार सुबह तक जवाब देना है।

हमें माफ कर दो सर
50-60 कश्मीरी छात्रों ने प्रॉक्टर से उनके कार्यालय में मुलाकात की। कहा, गुरुवार को जो हुआ, वो ठीक नहीं था। माफी भी मांगी। मौके पर न होने वालों को भी नोटिस देने की दलील दी। कहा, इनमें ही बीएससी कर रहा कुलगाम निवासी पीरजादा दानिश शब्बीर व बीएससी छात्र समी उल्लाह राथर, अनंतनाग के गांव गुगाम का एमएससी छात्र अयाज अहमद भट्ट, श्रीनगर के गांव पहतीपुरा सफापुरा का एमफिल छात्र मोहम्मद सुल्तान खान, बारामूला के गांव अछाबल सोपोर रफियाबाद का बीएससी छात्र रफीक सुल्तान व शोधार्थी शौकत अहमद लोन है। इन्हें 48 घंटे में जवाब देना है। इनमें सुल्तान सालभर पहले ही कैंपस छोड़ चुका है। प्रॉक्टर ने भी माना कि आरोपित छात्रों को चिह्नित करने में कुछ चूक हुई है, उसकी कमेटी जांच कर रही है।

बख्शा नहीं जाएगा
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि आरोपित छात्रों की तलाश की जा रही है। इंतजामिया से भी संपर्क किया गया है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

कमेटी के सामने पक्ष रखें कश्मीरी छात्र
एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान का कहना है कि कश्मीरी छात्रों ने माफी मांगी है। कुछ निर्दोष छात्रों को भी नोटिस चला गया है। उन्हें जांच कमेटी के सामने पक्ष रखने को कहा है।