अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनियन हाल में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उपजे विवाद से तनाव बना हुआ है। एएमयू के गेट पर छात्र धरना दे रहे हैं, वहीं एसडी कॉलेज से ¨हदूवादी छात्र जुलूस के रूप में एएमयू जाने की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए समर्थन व विरोध में मैसेज, फोटो व वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने चार मई ( शुक्रवार) की दोपहर दो बजे से पांच मई ( शनिवार ) तक जिले में इंटरनेट सेवा बंद करने रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डीएम चन्द्रभूषण सिंह ने आदेश जारी किए हैं। वहीं, एएमयू और एसडी कॉलेज में पुलिस की कड़ी सुरक्षा की गई है। ¨हदू वादी नेताओं को वहां जाने से रोका जा रहा है।

एएमयू में लगी जिन्ना की तस्वीर का विरोध पिछले चार दिनों से हो रहा है। यह विवाद भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम के सोमवार को एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखने से शुरू हुआ। सांसद ने पूछा था कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर लगी है और कहां-कहां? जिन्ना भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे। आज भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है? दरअसल, एएमयू के यूनियन हॉल में जिन्ना समेत 30 हस्तियों की तस्वीर लगी है। जिन्ना 1938 में एएमयू आए थे। तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। एएमयू गठन (1920) के साथ ही पहले मानद सदस्य महात्मा गांधी थे।

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