अलीगढ़, जेएनएन । कोरोना संक्रमण के बढ़ते दौर में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों को बंद किया गया है। छात्र-छात्राओं का नया सत्र भी शुरू नहीं हो पाया। पिछले कोरोना संक्रमण काल में जिले के तमाम परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थी आनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़ सके थे। क्याेंकि उनके पास एंड्रायड मोबाइल व इंटरनेट की सुविधा नहीं थी। मगर अब ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए नई कवायद की जा रही है। इसके तहत शिक्षक हर दिन पांच विद्यार्थियों के अभिभावकों से फाेन पर बात करेंगे। घर पर चल रही पढ़ाई की समीक्षा करेंगे। साथ ही दो बच्चों के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर उनको विषय वस्तु व होमवर्क सौपेंगे।

संसाधनों के अभाव मे अटकी शिक्षा

जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1766 प्राइमरी व 733 जूनियर हाईस्कूल समेत कुल 2499 स्कूल हैं। इनमें करीब 2.48 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। पिछले कोरोना काल में जिले के करीब 35 से 40 हजार विद्यार्थी ही आनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए थे। बाकी विद्यार्थियों की पढ़ाई उपकरणों व संसाधनों के अभाव में अटकी रही थी। इस अनुभव के चलते इस बार विद्यार्थियों को चौपाल पाठशाला के जरिए अनिवार्य रूप से शिक्षित करने की व्यवस्था बनाई गई है। इस पढ़ाई में बच्चे ने क्या सीखा? या क्या संशय रहा? आदि की समीक्षा, शिक्षक स्कूल से पांच अभिभावकों को फोन करके करेंगे। शिक्षकों को ये प्रक्रिया रोजाना अनिवार्य रूप से करनी हाेगी। साथ ही किन्हीं दो विद्यार्थियों के अभिभावकों को कोविड गाइडलाइंस के तहत स्कूल बुलाकर उनसे बच्चे की पढ़ाई के बारे में पूछेंगे और उनको होमवर्क सौपेंगे। फिर अगले दिन दूसरे अभिभावक आएंगे व पहले दिन वाले होमवर्क कराकर चेक कराने के लिए कापी शिक्षकों को दे जाएंगे। इस तरह से स्कूल बंद होने के बावजूद विद्यार्थियों को किसी न किसी तरह शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े रखने का प्रयास किया जाएगा।

इनका कहना है

यह शासन की शानदार पहल है। इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों व खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। इसको जल्द शुरू कराया जाएगा। जो विद्यार्थी आनलाइन जुड़ सकते हैं उनको जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जाएगी।

डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए

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