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अलीगढ़ (जेएनएन)।   पुलिस ने बच्ची की हत्या का भले ही पर्दाफाश करने का दावा किया हो, लेकिन परिजनों के मन में आज भी तमाम सवाल हैं। बच्ची अपने मकान से नहीं, बाबा के मकान से गायब हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि वह खेलते हुई हत्यारोपित जाहिद के घर पहुंची थी। इस घटना को लेकर गांव में गम भी है और आक्रोश भी।

घर के पास खेल रही थी

30 मई को बच्ची नहाने के बाद करीब साढ़े आठ बजे अपने घर से निकली थी। चंद कदम दूरी पर उसके परिवार के बाबा का घर है। बच्ची की मां ने बताया कि इन दो घरों के अलावा वह कहीं नहीं जाती थी। बाबा के घर का एक दरवाजा पीछे की ओर खुलता है,जो आम रास्ता है। इसी दरवाजे के पास वह खेल रही थी, जिसे उसकी दादी व अपने अन्य परिजनों ने देखा थ। कुछ देर बाद ही गायब हो गई। 12 बजे तक उसे तलाश किया गया, लेकिन नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की। अगले दिन गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस ने हत्याकांड के पर्दाफाश करते हुए बताया था कि बच्ची खेलते हुए जाहिद के घर पहुंची थी। जहां से उसे बिस्कुट के बहाने अपने घर में ले गया। बच्ची की मां व पिता ने कहा कि जो भी हुआ हो, हमें न्याय चाहिए। डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि प्रशासन पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए गंभीर हैं। पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है। आरोपितों पर कठोर से कठोर कार्रवाई होगी।

दरिंदे असलम ने सगी बेटी संग भी किया था दुष्कर्म

टप्पल में मासूम की हत्या के मुख्य आरोपित असलम के खिलाफ पहले से ही थाना टप्पल में अपनी चार साल की मासूम बेटी संग वर्ष 2014 में दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में आरोपित जेल से जमानत पर छूटा तो कस्बे में ही एक महिला से छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज हुआ। फिर वह दिल्ली जा पहुंचा जहां गोकुलपुरी थाना क्षेत्र से एक बच्चे का अपहरण कर लिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपित को पकड़कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। जबकि टप्पल थाने में ही उसके खिलाफ 3 यूपी गुंडा एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है।

डीजीपी दफ्तर लेता रहा पल-पल खबर

टप्पल कांड को लेकर डीजीपी दफ्तर भी पल-पल की खबरें जुटाता रहा। एसएसपी स्तर से बालिका की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर पूरे घटनाक्रम से शासन को अवगत कराया जाता रहा। मीडिया ट्रायल के साथ ही सोशल मीडिया पर राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखकर पुलिस ने एसआइटी जांच, एनएसए व पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई की घोषणा की है।

जाहिद के भाई की तलाश

पुलिस मुख्य आरोपित जाहिद के भाई मेहंदी, उसकी पत्नी व अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। दोनों के परिजन फरार हैं। घरों पर कोई नहीं हैं। पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। एसएसपी के अनुसार कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।

एसआइटी टीम में ये रहेंगे शामिल

एसआइटी टीम का नेतृत्व एसपी देहात मणिलाल पाटीदार करेंगे। कार्रवाई का पर्यवेक्षण एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार करेंगे। टीम में उनके साथ सीओ खैर पंकज कुमार श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर टप्पल संजय कुमार जायसवाल, महिला थाना इंस्पेक्टर सुनीता मिश्रा, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार व रवींद्र कुमार दुबे शामिल रहेंगे। सहयोग के लिए फोरेंसिक टीम, एसओजी प्रभारी श्रवण कुमार, सर्विलांस प्रभारी अभय शर्मा, महिला आरक्षी ज्योति व रूबी सैनी रहेंगी। 

टाइम लाइन

30 मई को सुबह साढ़े आठ बजे मासूम घर के बाहर खेलते समय गायब।

31 मई को टप्पल थाने में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की।

02 जून को सुबह सात बजे घर से चंद कदम दूर कूड़े के ढेर में शव पड़ा मिला।

- नौ बजे थाने के बाहर सड़क पर शव रखकर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ग्रामीणों ने लगाया जाम।

-11 बजे एसएसपी, सांसद, खैर विधायक पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।

- दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा बालिका का शव।

- शाम पांच बजे पोस्टमार्टम।

- सात बजे गांव में पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार।

- देर रात लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर टप्पल को किया लाइन हाजिर।

03 जून को दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन।

04 जून को आरोपित जाहिद व असलम की गिरफ्तारी।

- सासंद व खैर विधायक ने ग्रामीणों को जूस पिलाकर धरना खत्म कराया।

05 जून को दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेजा।

06 जून को सोशल मीडिया पर छाया टप्पल प्रकरण।

- देर रात एसएसपी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर टप्पल, तीन दारोगा व एक सिपाही निलंबित किया।

07 जून को एसआइटी जांच के साथ आरोपितों पर एनएसए व पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की घोषणा।

- देशभर में सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं ने जोर पकड़ा।

आठ माह पुरानी घटना की यादें ताजा 

टप्पल में ही अक्टूबर 2018 में युवती इंटरचेंज के पास से गायब हो गई थी। युवती के परिजनों ने हंगामा कर बाजार को जबरन बंद करा दिया था। इस दौरान भड़काऊ भाषण देने के साथ मांग की थी कि जब आजम खां की गायब भैंस को तलाशा जा सकता है तो पुलिस उनकी बेटी को क्यों नहीं तलाश पा रही। दूसरे संप्रदाय के लोगों पर युवती को गायब करने का आरोप लगाया था। अगले दिन युवती खुद घर लौट आई थी। इस प्रकरण को लेकर दूसरे संप्रदाय के लोग नाराज हो गए थे। यह नाराजगी बालिका की हत्या के बाद से फिर से उजागर होने लगी है और मामला तूल पकडऩे लगा है।

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Posted By: Mukesh Chaturvedi

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