अलीगढ़, जेएनएन। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) के अलीगढ़ चैप्टर ताला हार्डवेयर को विकसित करने के लिए ठोस रणनीति बना रही है। ताला हार्डवेयर की ब्रांडिंग के लिए उद्यमियों ने योजना को तैयार किया है। अलीगढ़ निर्मित ताला-हार्डवेयर, आर्टवेयर व अन्य उत्पादनों पर मेड इन अलीगढ़ के नाम की उत्पादनों पर मोहर लगे। साथ ही उत्पादन निर्माताओं द्वारा पैकेजिंग पर भी यह स्लोगन लिखा जाए।

सरकार से इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की उम्‍मीद

आइआइए के अध्यक्ष शलभ जिंदल का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम औद्योगिक आस्थान तो विकसित कर रहे हैं, मगर उत्पादन की ब्रांडिंग पर जोर नहीं दे रहे। उद्यमियों समूहों को ट्रिपल पी मोड पर इंडस्ट्रीज क्षेत्र विकसित करने के लिए अधिकृत किया जाए। सरकार इंन्फ्राष्ट्रेक्चर दे, तकनीक व उत्पादन की गुणवत्ता मैन्युफैक्चर्स खुद विकसित करने में सक्षम हैं। आइआइए के सदस्य मनोज अग्रवाल ने कहा कि मेड इन अलीगढ़ के नाम से ताला-हार्डवेयर उत्पादनों को अधिकृत करने के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल से संपर्क किया गया है। इससे पहले वे जब अलीगढ़ चैप्टर की बैठक में भाग लेने के लिए आए थे, तब भी यह सुझाव एसोसिएशन के सचिव मनीष बंसल ने दिया था।

बिना उद्योग के विकास संभव नहीं

आइआइए के सदस्य जितेंद्र गोयल का कहना है कि बिना उद्योगों के किसी भी शहर, देश का विकास संभव नहीं है। फिर भी उद्यमी अफसरों के साफ्ट टारगेट पर होते हैं। कभी प्रदूष के नाम पर डराया जाता है, तो कभी जीएसटी को लेकर धमकाया जाता है। जबकि एमएसएमई का देश की जीडीपी में 28 फीसद योगदान होता है। साढे छह करोड़ एमएसएमई उद्योग हैं। 15 करोड़ लोगों को रोजगार दिया जाता है। फिर भी हमें गलत नजरियें से देखा जाता है।

जयपुर में हुई बैठक में सुझाव पर चर्चा

एसोसिएशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की जयपुर में हुई बैठक में इन सभी सुझाव पर चर्चा की गई है। जल्द ही अलीगढ़ चैप्टर की बैठक आयोजित होगी। इसमें इन सभी समस्याओं व ताला हार्डवेयर की ब्रांडिंग के लिए विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

Edited By: Anil Kushwaha