हाथरस, संवाद सहयोगी।  अब दुर्घटना में हुए घायलों से दूर भागने की जरूरत नहीं है। अब घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने पर आपके लिए सम्मान के साथ लाभ का सौदा भी साबित होगा। इसके लिए आपको सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा। फिर अब डरना कैसा, आगे आएं किसी का जीवन बचाएं।  इसका चयन जिलास्तरीय गठित कमेटी में पुलिस अधीक्षक, सीएमओ व एआरटीओ शामिल रहेंगे।

सरकार द्वारा गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विभागीय अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली जनहानि को कम करने के लिए सरकार द्वारा यह सराहनीय कदम उठाया गया है। रोडवेज बस स्टैंड पर आयोजित गुड सेमेरिटन संगोष्ठी में एआरटीओ प्रशासन नीतू सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकतर लोग निर्धारित समय पर उपचार नहीं मिलने से अपनी जान गवां देते हैं। दुर्घटना होने से सड़क पर पड़े घायलों को लोग पुलिस के भय व किसी तरह की समस्याओं में नहीं पड़ने से बचते हैं। इसका परिणाम यह निकलता है कि लोग पीड़ित को सड़क पर ही तड़फता छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं। इसमें एअारएम शशीरानी व अन्य कर्मी मौजूद रहे।

पुरस्कृत किए जाएंगे गुड सेमेरिटन

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को घटना होने के एक घंटे के भीतर चिकित्सकीय उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने और इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने में देनी होगी। ऐसे लोगों को नेक आदमी यानि गुड सेमेरिटन मानकर उन्हें पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये मिलेंगे। नेक आदमी अधिक होने पर पुरस्कार की धनराशि सब में बराबर बांट दी जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर चयनितों को मिलेंगे एक लाख पुरस्कार

दुर्घटना में एक से अधिक घायल व्यक्तियों निकालने पर संबंधित सभी को पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 10 सेमेरिटन को एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। यह धनराशि आनलाइन बैंक खातों में पहुंचेगी। इसका चयन जिलास्तरीय गठित कमेटी में पुलिस अधीक्षक, सीएमओ व एआरटीओ शामिल रहेंगे।