जासं, अलीगढ़ : शुक्रवार को देरशाम आंधी-बारिश ने किसानों की चिता बढ़ा दी। खेतों में खुले में पड़े गेहूं के खराब होने का डर सताने लगा। वहीं, क्रय केंद्रों पर बरती जा रही लापरवाही से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका जताई गई। समय पर गोदाम न ले जाने से गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है। कस्बा पिसावा में पीसीएफ के क्रय केंद्र पर सैकड़ों कुंतल गेहूं खुले में पड़ा रहा। मौसम बिगड़ने के बाद भी गेहूं के बोरे उठाए नहीं जा सके।

फसल की कटाई के बाद किसान गेहूं निकाल कर क्रय केंद्रों पर पहुंचा रहे हैं। कई किसानों का गेहूं अभी खेतों में ही पड़ा है। कुछ जगह कटाई अभी जारी है। मौसम बिगड़ने से किसान सकते में आ गए। बारिश में फसल बर्बाद होने के डर से किसान खेतों की ओर दौड़ लिए। खुले में पड़े गेहूं को तिरपाल आदि से ढका गया। हालांकि, बारिश इतनी नहीं हुई। उधर, पिसावा के पीसीएफ के क्रय केंद्र पर गेहूं खुले में पड़ा है। यहां अब तक 2,650 कुंतल गेहूं की तोल हो चुकी है। शुरुआत में किसानों के सामने टोकन की समस्या आयी थी। केंद्र प्रभारी ने किसानों के मोबाइल पर एप लोड कराकर टोकन निकालने की प्रक्रिया बताई। तब किसान टोकन लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचे। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र से अभी तक एक भी बोरा गोदाम में नहीं रखवाया गया है। गेहूं के बोरे खुले में पड़े हैं। ऐसे में तेज बारिश हो जाए तो गेहूं खराब हो जाएगा। किसानों की मांग है कि क्रय केंद्र से गेहूं शीघ्र ही गोदाम में सुरक्षित कराया जाए। इसके अलावा पलसेड़ा गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक 1800 कुंतल गेहूं की खरीद हुई है।

तीन घंटे गायब रही बिजली

आंधी से बारहद्वारी क्षेत्र में तीन घंटे लाइट गुल रही, जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। शाम का समय होने के चलते पेयजल संकट खड़ा हो गया। तमाम लोगों के घरों में लगे इनर्वटर भी जवाब दे गए।

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