हाथरस (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन ने शनिवार को बेहद विवादित बयान दिया। उन्होंने पाक संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एएमयू में तस्वीर लगने का विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए जिन्ना को देशभक्त और वीर सावरकर गद्दार बताया। कहा, भाजपाई जिन्ना की तस्वीर का तो विरोध कर रहे हैं, जबकि सावरकर जैसे गद्दार की तस्वीर उन्होंने ही संसद में लगवाई।

हाथरस में राजा महेंद्र प्रताप की जयंती पर हुई सभा 

राजा महेंद्र प्रताप की जयंती पर हाथरस जिले के कस्बा मुरसान में हुई सभा में उन्होंने कहा कि भाजपाई बंटवारे के इतिहास को नहीं जानते। जिन्ना ने गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी और जेल तक गए। भाजपा के पूर्वजों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा। जिन वीर सावरकर की वह पूजा करते हैं, वह सावरकर अंडमान निकोबार में अंग्रेजों से माफी मांगकर आए थे। सही मायने में वीर सावरकर देश के गद्दार थे। जिन्ना तो भगत सिंह के वकील भी रहे और उन्हें बचाने के प्रयास किए। जिन्ना की तस्वीर हटाने की बात करने वाले लोग गांधी जी, नेहरू और सरदार पटेल की भी तस्वीर हटवा दें।

आजादी की लड़ाई में आरएसएस का कोई योगदान नहीं
सुमन ने कहा कि आजादी की लड़ाई में आरएसएस का भी कोई योगदान नहीं रहा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कोलकाता में कहा था कि हम अंग्रेजों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं करेंगे। भाजपा का न तो कोई आदर्श है न  कोई विचारधारा है। भाजपाई सरदार पटेल को अपना आदर्श बताते हैं, जबकि गृहमंत्री रहते सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रङ्क्षतबंध लगाया था। वह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को आपना आदर्श बताते हैं, जबकि बाबा साहब हमेशा ही संघ की विचारधारा के खिलाफत करते रहे। 

राजा महेंद्र प्रताप को भारत रत्न देने की मांग की
मुरसान में राजा महेंद्र प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा नेहरू और गांधी की तस्वीर का भी विरोध कर सकती है। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप को भारत रत्न दिए जाने की मांग की।

जिन्ना की तस्वीर को लेकर भाजपा सांसद सतीश गौतम ने लिखा था एएमयू वीसी को पत्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का जिन्न फिर सामने आ गया है। अलीगढ़ के भाजपा सांसद व एएमयू कोर्ट मेंबर सतीश गौतम ने जिन्ना की तस्वीर को लेकर कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखा था। पूछा है कि किन कारणों से जिन्ना की तस्वीर किन-किन जगहों पर लगी हुई है। सवाल किया है कि जिन्ना भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और इस समय भी पाकिस्तान गैरजरूरी हरकतें कर रहा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है?

एएमयू के यूनियन हॉल में लगी है जिन्ना की तस्वीर
जिन्ना की तस्वीर एएमयू के स्टूडेंट यूनियन हॉल में लगी हुई है। इस बात को लेकर सबसे पहले हंगामा एक आरटीआइ को लेकर खड़ा हुआ था। जिसमें पूछा गया था कि जिन्ना की तस्वीर कहां लगी हुई? इंतजामिया जवाब भी नहीं दे सकी थी। जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल के ऊपरी हॉल में लगी हुई है। यहां करीब 30 से अधिक ऐसे लोगों की तस्वीर लगी हुई हैं, जिन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई है। जिन्ना एएमयू में बंटवारे से पहले 1938 में आए थे, तभी उन्हें यूनियन की सदस्यता दी गई थी। यूनियन ने सबसे पहले सदस्यता गांधीजी को 1920 में दी थी।

Posted By: Mukesh Chaturvedi