अलीगढ़ (जेएनएन)। कश्मीर में आतंकी मन्नान के मारे जाने के बाद एएमयू में हुई राष्ट्र विरोधी नारेबाजी को लेकर योगी सरकार ने सख्त कड़ा रूख अपना लिया है। इसकी जांच के लिए सीओ के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है। टीम कैंपस में हुए घटनाक्रम के साथ आरोपित छात्रों की मन्नान से नजदीकियों की भी जांच करेगी। जम्मू- कश्मीर पुलिस की भी मदद ली जाएगी।

यह था मामला
केनेडी हॉल के पास हुई नारेबाजी में इंतजामिया ने शोधार्थी वसीम अयूब मलिक  व अब्दुल हसीद मीर को निलंबित किया है। सात अन्य को कारण बताओ नोटिस दिया है। इंतजामिया की कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ देश द्रोह का मामला दर्ज किया है। इसे लेकर योगी सरकार भी सख्त है। पुलिस भी जांच में कमी नहीं छोडऩा चाहती। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि एएमयू में हुई राष्ट्र विरोधी

टीम में यह हैं शामिल हैं ये अधिकारी
नारेबाजी के लिए गठित टीम में सीओ सिविल लाइंस संजीव दीक्षित, एसएचओ विनोद कुमार, एसएसआइ मुनेश तिवारी और सब इंस्पेक्टर अकील अहमद को शामिल किया है। एएमयू से घटनास्थल के आसपास के वीडियो फुटेज, सुरक्षा गार्डों के तैयार किए गए वीडियो फुटेज भी मांगे हैं। आरोपित छात्र कब से यहां पढ़ रहे हैं, कहां रह रहे हैं सब जानकारी मांगी है। मन्नान से किसकी नजदीकी थी, जो जनाजे की नमाज पढऩा चाहते थे समेत सभी बिंदुओं की जांच होगी।

कश्मीर पुलिस से ली जाएगी मदद
आरोपित छात्रों का कश्मीर में किस तरह का रहन-सहन है। वहां किस तरह के लोगों के संपर्क में रहते हैं, इसके लिए जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद ली जाएगी। खास बात यह है कि इस घटना को लेकर एएमयू इंतजामिया में खलबली मची हुई है।